राजस्थान: एलडीसी भर्ती पर फिर संकट के बादल, 10 हजार अभ्यर्थियों के भविष्य पर लटकी तलवार

2013 में पंचायतीराज एलडीसी भर्ती में 19 हजार 275 पदों के लिए भर्ती निकाली थी लेकिन बोनस अंकों की वजह से ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक चला गया था

राजस्थान: एलडीसी भर्ती पर फिर संकट के बादल, 10 हजार अभ्यर्थियों के भविष्य पर लटकी तलवार
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: राजस्थान में एक बार फिर से बेरोजगारों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. 2013 की एलडीसी भर्ती में 10 हजार अभ्यर्थियों की नौकरी पर तलवार लटक गई है. पंचायतीराज विभाग ने भर्ती का कैलेंडर रद्द कर दिया, जिसके बाद बेरोजगारों की उम्मीदे अब पूरी तरह से टूट चुकी है.

कड़ी मेहनत और परिश्रम के बाद भी सरकारी नौकरी का सपना संयोए हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य खत्म होता दिखाई दे रहा है. उनका भविष्य उनकी कमजोरी के कारण नहीं, बल्कि पंचायतीराज विभाग की कमियों के कारण भटक रहा है. विवादित एलडीसी भर्ती का पैंच इतना फंसा कि छह साल बाद भी नहीं सुलझ पाया. 2013 की एलडीसी में एक बार फिर कैलेंडर रोडा बन गया है. दरअसल, आचार सहिता से पहले पंचायतीराज विभाग ने पूरी प्रक्रिया शुरू करने के लिए कैलेंडर जारी किया था. जिसमें 5 मार्च से 27 मार्च तक भर्ती प्रक्रिया को पूरी करने के आदेश दिए थे. लेकिन आचार संहिता के लगने के बाद भर्ती प्रकिया का काम पूरा नहीं हो सका. जिसके बाद अब पंचायतीराज विभाग ने नया कैलेंडर जारी करने के आदेश दिए है.

2013 में पंचायतीराज एलडीसी भर्ती में 19 हजार 275 पदों के लिए भर्ती निकाली थी लेकिन बोनस अंकों की वजह से ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक चला गया था, जिसके बाद में कोर्ट ने बोनस अंकों के साथ नौकरी देने के आदेश दिए थे. जिसके बाद पंचायतीराज विभाग ने कई आदेश निकाले, लेकिन इसके बावजूद भी इस भर्ती में 10 हजार से ज्यादा पदों का पैच अब तक नहीं सुलझ पाया. अब नए कैलेंडर जारी कर फिर से इस प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू किया जाएगा, जिसमें सालो लग जाएंगे. बेरोजगारों का कहना है कि हमे गहलोत सरकार से पूरी उम्मीदे है कि बेरोजगारों का जरूर इंसाफ करेगी.

पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों की माने तो पंचायतीराज भर्ती में करीब 200 करोड का वित्तीय भार आएगा, जिस वजह से इस भर्ती में उधर में लटका रखा है. लेकिन अभ्यर्थी ये दावा कर रहे है संविदाकर्मियों के वेतन में  200 करोड़ का खर्चा हो रहा है, ऐसे में सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं पडने वाला. लेकिन बेरोजगारो को सरकार से उम्मीद है कि उन्हे नौकरी जरूर मिलेगी.