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राजस्थान: सीएम अशोक गहलोत 11 बजे विधानसभा में पेश करेंगे बजट, लोगों को उम्मीदें

सरकार इस बार प्रत्येक तबके को ध्यान में रखते हुए बजट में प्रावधान किए जा रहे. उम्मीद की जा रही है कि कारोबारियों के लिए व्यापार की राह सुगम होगी. 

राजस्थान: सीएम अशोक गहलोत 11 बजे विधानसभा में पेश करेंगे बजट, लोगों को उम्मीदें
औद्योगिक संगठन को बिजली दरों में रियायत मिलने की उम्मीद भी की जा रही है.

जयपुर: विधानसभा में पेश होने वाले अशोक गहलोत सरकार के पहले बजट को लेकर जनता को बहुत उम्मीदें हैं. कर्मचारियों को मुख्यमंत्री गहलोत से वेतन कटौती वापस लेने, खत्म किए पदों का सृजन, वेतन विसंगति दूर करने तथा नियमतिकरण सहित कइ सौगात मांग रहे हैं. वहीं सरकार इस बार प्रत्येक तबके को ध्यान में रखते हुए बजट में प्रावधान किए जा रहे. उम्मीद की जा रही है कि कारोबारियों के लिए व्यापार की राह सुगम होगी. 

वहीं औद्योगिक संगठन को बिजली दरों में रियायत मिलने की उम्मीद भी की जा रही है. साथ ही सरकार युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप्स का ध्यान रखते हुए घोषणाए कर सकता है. महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक आजादी को तरजीह भी दिए जाने का उम्मीद है.

 साथ ही, खिलाड़ियों को अतिरिक्त सरकारी मदद, स्टेट टैक्स में सुधार के बजटीय प्रावधान, रियल एस्टेट सेक्टर को स्टांप ड्यूटी से राहत की उम्मीद, मंडी कारोबारियों को मंडी शुल्क राहत, किसानों की आय में इजाफे की संभावना, चिटफंड और मल्टीलेवल कम्पनियों सख्त नियम, साइबर कानून के साथ जांच के लिए बनेगी नोडल एजेंसी, सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ने की भी पूरी संभावना है.

वहीं सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए बजट बढ़ेगा, प्रत्येक व्यक्ति को मिलेगी स्वास्थय सेवाओं की गारंटी, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, पिछड़े अंचलों के विकास, आदिवासी अंचल के लिए अलग से बजट प्रावधान, प्राकृतिक संसाधनों के किफायती उपयोग पर फोकस, मिलावटखोरों पर अधिक सख्ती बरतने की तैयारी, फूड प्रोसेसिंग इकाईयों लगाने में किसानों की मदद होगी.

राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ कर्मचारियों को सरकार से उम्मीद है कि भाजपा सरकार ने उनकी वेतन कटौती की थी, उसे सरकार वापस लेगी. साथ ही पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करने की घोषणा करेगी. वहीं कर्मचारियों की कमी के कारण सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों पर पड़ रहे भार को दूर करेगी. इसके अलावा भी कर्मचारियों की सरकार से कई उम्मीदें हैं. अब देखना वाली बात यह होगी की सरकार के जनता की उम्मीदों पर कितनी खरी उतर पाती है.