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राजस्थान: वन अधिकार कानून 2006 में संशोधन के लिए CM गहलोत ने पीएम को लिखी चिट्ठी

मुख्यमंत्री ने ये भी लिखा है कि राज्य सरकार ने जन घोषणा पत्र में किए गए वादे के मुताबिक वन आदिवासियों को उनके अधिकार दिलाने से जुड़ी प्रक्रिया का सरलीकरण करने का निर्णय लिया है.

राजस्थान: वन अधिकार कानून 2006 में संशोधन के लिए CM गहलोत ने पीएम को लिखी चिट्ठी
फाइल फोटो

जयपुर: मुख्यमंत्री आशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर वन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों को उनके कानूनी अधिकार दिलाने में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए केन्द्र सरकार से वन अधिकार कानून 2006 में आवश्यक संशोधन के लिए अध्यादेश जारी करने की मांग की है. पत्र में आदिवासियों को विस्थापन से बचाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में केन्द्र सरकार की ओर से समीक्षा याचिका दायर करने का आग्रह भी किया है.

गहलोत ने अपने पत्र में लिखा है कि वन अधिकार कानून 2006 के तहत आदिवासियों और वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ‘जल, जंगल और जमीन’ के अधिकार दिए गए हैं. हाल ही में इस विषय पर आए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को तत्काल लागू करने पर बड़ी संख्या में वन क्षेत्र में निवास कर रहे लोगों का जीवन प्रभावित होगा.

मुख्यमंत्री ने ये भी लिखा है कि राज्य सरकार ने जन घोषणा पत्र में किए गए वादे के मुताबिक वन आदिवासियों को उनके अधिकार दिलाने से जुड़ी प्रक्रिया का सरलीकरण करने का निर्णय लिया है. इसी के तहत वन अधिकार पट्टे जारी करने के लिए एक पारदर्शी और प्रभावी ऑनलाइन व्यवस्था की गई है. कई बार आदिवासियों के वन अधिकार दावों को छिटपुट आपत्तियों के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया की पूर्ण पालना किए बिना खारिज कर दिया जाता है लेकिन राजस्थान में वन अधिकार के निरस्त किए गए ऐसे व्यक्तिगत दावों के पुनरीक्षण के लिए राज्य सरकार ने जमीनी स्तर पर प्रयास शुरू किए हैं. उन्होंने इस प्रकरण में केन्द्र सरकार से आवश्यक कानूनी सहयोग की अपील की.