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राजस्थान: दो बार चुनाव हारने वाले दिग्गजों का कटा टिकट, कांग्रेस ने नए चहरों को दिया मौका

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और मंत्री रह चुके बी.डी. कल्ला, डॉ. चन्द्रभान, पूर्व मंत्री रहे सी.एम बैद पिछले दो चुनावों में दी गईं सीटों से हारे थे और फिलहाल पहली सूची में इनको जगह नहीं दी गई है.

राजस्थान: दो बार चुनाव हारने वाले दिग्गजों का कटा टिकट, कांग्रेस ने नए चहरों को दिया मौका

जयपुर: लंबे इंतजार के बाद आखिरकार गुरुवार देर रात कांग्रेस द्वारा राजस्थान विधानसभा चुनावों को लेकर 152 प्रत्याशियों की पहली सूची को जारी किया. कांग्रेस द्वारा जारी इस लिस्ट में उन नेताओं का नाम शामिल नहीं किया गया है जो पिछले दो बार से हार का सामना कर रहे हैं और उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया गया है. इनमें पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और मंत्री रह चुके बी.डी. कल्ला, डॉ. चन्दरभान, पूर्व मंत्री रहे सी.एम बैद का नाम शामिल है. 

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और मंत्री रह चुके बी.डी. कल्ला, डॉ. चन्द्रभान, पूर्व मंत्री रहे सी.एम बैद पिछले दो चुनावों में दी गईं सीटों से हारे थे और फिलहाल पहली सूची में इनको जगह नहीं दी गई है. हालांकि, डॉ. चन्द्रभान ने 2008 में मालपुरा से और 2013 में उन्होंने मंडावा से चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में मंडावा से उनके स्थान पर रीटा चौधरी को टिकट दिया गया है और मालपुरा सीट को लेकर फिलहाल कोई घोषणा नहीं की गई है. 

वहीं शाहपुरा सीट से लगातार चुनाव हार रहे आलोक बेनीवाल को इस बार टिकट नहीं मिला. इस सीट पर राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष मनीष यादव को टिकट दिया गया है. बता दें, मनीष ने पिछली बार निर्दलीय चुनाव लड़ा था. इसके अलावा बयाना से निर्भय लाल जाटव, अजमेर उत्तर से श्रीगोपाल बाहेती, सिरोही से संयम लोढ़ा और विद्याधर नगर से विक्रम सिंह को टिकट नहीं दिया गया है. परबतसर सीट पर कांग्रेस के लच्छाराम 2013 में हारे में थे और उससे पहले 2008 में वह निर्दलीय तौर पर भी हारे थे. जिसके बाद कांग्रेस द्वारा इस बार युवा प्रत्याशी रामनिवास गावड़िया को मौका दिया गया है. 

हालांकि, अब भी कांग्रेस द्वारा बची हुई सीटों पर लिस्ट जारी की जानी है. जिस कारण पहली सूची में जगह न मिलने वाले इन मंत्रियों की निगाहें अब दूसरी सूची पर टिकी हुई हैं. 

गौरतलब है कि इस बार पीसीसी चीफ सचिन पायलट भी चुनाव लड़ेंगे और वह टोंक से दावेदारी निभाएंगे. वहीं अशोक गहलोत अपने गढ़ माने जाने वाले सरदारपुरा से ही एक बार फिर चुनाव लड़ेंगे. वह 19 नवंबर को अपना नामंकन दाखिल करने पहुंचेंगे.