राजस्थान: राजनीतिक नियुक्तियों के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को करना होगा इंतजार...

मुख्यमंत्री आवास पर हुई कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक में प्रभारी मंत्रियों को 16 मार्च तक नामों की अंतिम सूची देने के निर्देश दिए हैं.

राजस्थान: राजनीतिक नियुक्तियों के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को करना होगा इंतजार...
कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक बजट के बाद अगले सप्ताह आयोजित की जाएगी.

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में कांग्रेस (congresss) कार्यकर्ताओं को राजनीतिक नियुक्तियों के लिए अभी 16 मार्च तक का इंतजार करना होगा. मुख्यमंत्री आवास पर आज हुई कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक में प्रभारी मंत्रियों को 16 मार्च तक नामों की अंतिम सूची देने के निर्देश दिए हैं. चार सदस्यों की गैर मौजूदगी में हुई इस पहली बैठक में आगामी पंचायती राज और निगम के शेष चुनाव के अलावा बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों की भूमिका और प्रदेश में सत्ता और संगठन के तालमेल के लिए संभाग स्तर पर कार्य-शालाओं के आयोजन को लेकर भी मंथन हुआ.

राजस्थान (Rajasthan) में राजनीतिक नियुक्तियों सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक हुई. मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में 8 सदस्यों में से 4 सदस्य ही मौजूद रहे. शॉर्ट नोटिस पर बैठक की सूचना के चलते मंत्री हरीश चौधरी महेंद्रजीत सिंह मालवीय हेमराज चौधरी और दीपेंद्र सिंह बैठक में नहीं शामिल हुए. बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे पीसीसी चीफ सचिन पायलट और मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने 2 घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. 

खासतौर पर, राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अविनाश पांडे ने बताया कि सभी प्रभारी मंत्रियों को 16 मार्च तक जिला और ब्लॉक से फाइनल सूची सौंपने के निर्देश दिए है. अविनाश पांडे ने कहा है, फाइनल सूची आने के बाद नियुक्तियों का ऐलान कर दिया जाएगा. बैठक में सभी सदस्यों के शामिल नहीं होने की वजह से कोआर्डिनेशन कमेटी की एक बैठक बजट के बाद अगले सप्ताह आयोजित की जाएगी. 

अविनाश पांडे ने बताया कि बैठक में पंचायती राज चुनाव शेष निगम चुनाव को लेकर भी डिस्कशन हुआ. बीएसपी से कांग्रेस में आए विधायकों की भूमिका को लेकर भी मनन किया गया. पांडे ने कहा सत्ता और संगठन के तालमेल को बेहतर करने और सरकार की योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए संभाग मुख्यालयों पर कार्यशाला का आयोजन होगा. 

अविनाश पांडे ने कहा की पीसीसी स्तर पर होने वाली जनसुनवाई की मॉनिटरिंग सोनिया गांधी स्तर पर की जा रही है. इसमें कितने प्रतिशत समस्याओं का समाधान हो रहा है इसका रिपोर्ट कार्ड भी आलाकमान को भिजवाया जाएगा. प्रदेश कांग्रेस का महाधिवेशन राजस्थान में करवाने के सवाल पर अविनाश पांडे ने कहा कि उनकी मंशा है कि राजस्थान में कांग्रेस (congresss) का महाधिवेशन होना चाहिए.

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि कांग्रेस की पहली कोआर्डिनेशन कमेटी में सभी सदस्यों का आपसी कोआर्डिनेशन नहीं हो पाया. लेकिन कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों की मौजूदगी में 2 घंटे चले इस मंथन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा जरूर हो गई है. खास तौर पर राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर प्रभारी मंत्रियों को फाइनल कॉल के लिए कहा है, ताकि राजस्थान के कार्यकर्ताओं का इंतजार जल्द से जल्द खत्म किया जा सके.