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राजस्थान: शाहपुरा में भवन के अभाव के कारण नहीं हो पा रहा मोर्चरी का निर्माण, खराब हो रहे उपकरण

डीप फ्रीजर के उपकरण अस्पताल के द्वितीय तल स्थित गैलेरी में डेढ़ साल से कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं. इन उपकरणों पर धूल मिटटी चढ़ रही है. 

राजस्थान: शाहपुरा में भवन के अभाव के कारण नहीं हो पा रहा मोर्चरी का निर्माण, खराब हो रहे उपकरण
प्रतीकात्मक तस्वीर

शाहपुरा: राजस्थान के शाहपुरा के लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल राजकीय चिकित्सालय में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत डेढ़ साल पूर्व शवों को रखने के लिए 12 लाख की लागत से 3 डीप फ्रीजर के उपकरण भिजवाए गए थे. इन उपकरणों को असेम्बल कर यहां डीप फ्रीजर लगाए जाने थे. इन डीप फ्रीजर में 6 शव रखने की सुविधा थी लेकिन यहां डीप फ्रीज़र रखने के लिए भवन का अभाव है. 

ऐसे में डीप फ्रीजर के उपकरण अस्पताल के द्वितीय तल स्थित गैलेरी में डेढ़ साल से कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं. इन उपकरणों पर धूल मिटटी चढ़ रही है. इतना ही नहीं डीप फ्रीजर में काम आने वाले फोम को भी चूहे काटने लगे हैं. इन उपकरणों का उपयोग नहीं होने से यहां हादसों के दौरान लाए जाने वाले शव को मोर्चरी में खुले में रखा जाता है. कई बार तो शव को निम्स अस्पताल में भेजा जाता है.

सूत्रों के मुताबिक तत्कालीन चिकित्सा प्रभारी ने इन उपकरणों के आने के बाद मोर्चरी बनवाने के लिए स्थान तो चिन्हित कर लिया लेकिन भवन निर्माण के लिए विभाग को बजट आवंटन के लिए आवेदन नहीं किया. ऐसे में न तो यहां कोई बजट आया और न ही डीप फ्रीजर रखने के लिए भवन का निर्माण हुआ. इसके चलते डीप फ्रीज़र के उपकरण ख़राब हो रहे है.