राजस्थान: छात्रावास अधीक्षक भर्ती पर विवाद, बोर्ड ने जारी किया रिजल्ट पर विभाग को आपत्ति

खाली पदों को भरने के लिए बोर्ड ने 30 नवंबर को 572 अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी किया. लेकिन रिजल्ट जारी होने के एक महीने बाद भी अभ्यर्थियों को सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग नियुक्ति नहीं दे रहा. 

राजस्थान: छात्रावास अधीक्षक भर्ती पर विवाद, बोर्ड ने जारी किया रिजल्ट पर विभाग को आपत्ति
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर/ आशीष चौहान: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्धारा निकाली गई ग्राम सेवक और छात्रावास अधीक्षक भर्ती विवादों में उलझकर रह गई है. इस भर्ती में बोर्ड और समाज कल्याण विभाग के बीच आपसी टकराव के बाद 450 छात्रावास अधीक्षक अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में है. बोर्ड और विभाग के तर्क के बीच अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्तियां नहीं मिल पाई है. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने मामले पर कहा कि विभाग से बिना पूछे रिजल्ट बोर्ड ने जारी क्यों किया. 450 पद खाली होने के बावजूद भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं देने से अब सवाल उठने लगे है. 

हालांकि, इस भर्ती में पहली प्राथमिकता छात्रावास अधीक्षक पद से पहले ग्राम सेवकों को दी गई थी. भर्ती निकालते वक्त कहा गया था कि पहले ग्राम सेवकों की भर्ती की जाएगी उसके बाद यदि रिक्त पद बचते हैं तो छात्रावास अक्षीधक के पदों पर भर्तियों की जाएगी. 4 जुलाई को 3648 ग्राम सेवक अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी किया गया था. उसके बाद 18 अक्टूबर को छात्रावास अधीक्षक खाली पदों के लिए 450 अभ्यर्थियों की लिस्ट जारी की गई थी. लेकिन इन अभ्यर्थियो ने ग्राम सेवक के पद पर ज्वाईनिंग कर ली. 

अब फिर से छात्रावास अधीक्षक के पद खाली हो गए. खाली पदों को भरने के लिए बोर्ड ने 30 नवंबर को 572 अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी किया. लेकिन रिजल्ट जारी होने के एक महीने बाद भी अभ्यर्थियों को सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग नियुक्ति नहीं दे रहा. विभाग ने तर्क दिया है कि बोर्ड ने बिना पूछे रिजल्ट निकाला, इस वजह से पदों पर नियुक्त्यिां क्यों करे. हालांकि, इस संबंध में मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने कहा कि "मामले को लेकर मुख्यमंत्री से बात करके समाधान निकाला जाएगा."

वहीं भर्ती में चुने गए अभ्यर्थी कभी विभाग और कभी बोर्ड के चक्कर लगाने को मजबूर है. जालौर से छात्रावास अधीक्षक के अभ्यर्थी कुलदीप माली का ने का कि "यदि नियुक्तियां देनी ही नहीं थी तो भर्ती क्यों निकाली थी. विभाग के अधिकारी कहते है कि विभाग अब इन पदों के लिए कोई नियुक्ति नहीं निकालेगा. "जयपुर के अभ्यर्थी रोहित कुमार का कहना है "दिन रात मेहनत करके परीक्षा में सफल हुए, लेकिन अब विभाग नियुक्ति नहीं दे रहा. घर वालों की नजरों के सामने हम अभी तक बेरोजगार हैं. ऐसे में अब हमारा भविष्य पूरी तरह खतरे में है."