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राजस्थान: बिजली बिल की गड़बड़ियों को रोकने के लिए विभाग लगाएगा 'स्मार्ट मीटर'

ऊर्जा प्रबंधन टीम का मानना हैं कि इससे गलत रीडिंग, मीटर तेज चलने, मीटर में टेम्परिंग और मनमाने तरीके से रीडिंग लेने जैसी शिकायतें खत्म होंगी. 

राजस्थान: बिजली बिल की गड़बड़ियों को रोकने के लिए विभाग लगाएगा 'स्मार्ट मीटर'
यह स्मार्ट मीटर आरएपीडीआरपी योजना के तहत लगाए जाएंगे.

जयपुर: बिजली महकमा भले ही पुराने ढर्रे पर चले, लेकिन अपने उपभोक्ताओं को स्मार्ट बनाएगा. इसके लिए विभाग उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी में है. उर्जा विभाग ने जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम से उपभोक्ताओं की जानकारी मांगी है. प्रोजेक्ट की शुरुआत शहर से होगी, इनमें भी 200 यूनिट प्रति माह उपभोग करने वाले उपभोक्ताओ का मीटर स्मार्ट होगा. ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक फीडर पर पांच मीटर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लगाए जाएंगे. नई प्रक्रिया का विरोध नहीं हो, इसकी तैयारी पहले से की जा रही हैं.

ऊर्जा विभाग केंद्र सरकार के निर्देशों पर स्मार्ट मीटर कॉसेप्ट अपना रही है. जयपुर डिस्कॉम की ओर से यह स्मार्ट मीटर आरएपीडीआरपी योजना के तहत लगाए जाएंगे. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है. मीटरों की खरीद के लिए जेवीवीएनएल को राजस्थान रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन प्रति मीटर 1200 रुपए की अनुदान राशि मुहैया करवाएगी. ऊर्जा प्रबंधन टीम का मानना हैं कि इससे गलत रीडिंग, मीटर तेज चलने, मीटर में टेम्परिंग और मनमाने तरीके से रीडिंग लेने जैसी शिकायतें खत्म होंगी. 

साथ ही, स्मार्ट मीटर में रीडिंग ऑनलाइन दर्ज होगी, ऐसे में उपभोक्ता अपने मोबाइल पर ही मीटर रीडिंग और बिजली खर्च पता कर सकेंगे. स्मार्ट मीटर का डाटा 24 घंटे में 96 बार अपडेट होगा. कोई उपभोक्ता स्वीकृत लोड से अधिक बिजली खपत करना चाहेगा, तो स्मार्ट मीटर स्वत: ही सप्लाई काट देगा. वहीं मीटर के साथ छेड़छाड़ की सूचना भी अपने आप डिस्कॉम के सर्वर पर चली जाएगी. केन्द्र सरकार के निर्देश पर राजस्थान की बिजली कम्पनियों ने भी उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर लगाने की तरफ कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है. सभी कम्पनियों कोसभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से लैस करने के लिए वर्ष 2022 तक का लक्ष्य दिया है.  

स्मार्ट मीटर का मकसद उपभोक्ताओं को सहुलियत के साथ बिजली की छीजत को रोकना हैं. स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल चुकाना होगा. अगर समय पर बिल जमा नहीं हुआ तो उपभोक्ता की बिजली ऑनलाइन सर्वर से ही कट जाएगी. जोधपुर डिस्कॉम में 93 हजार मीटर से शुरुआत होगी, अजमेर डिस्कॉम में 1.82 लाख मीटर लगाने की तैयारी है. वहीं जयपुर डिस्कॉम में 4.29 लाख मीटर पहले चरण में लगने है. इस पूरी प्रक्रिया में भ्रष्ट्राचार भी चरम पर है. स्मार्ट मीटर का निर्णय मंत्री मण्डलीय समूह के स्तर पर भी विचाराधीन है, लेकिन इतना उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर लगना तय है. 

स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी पर प्रदेश में विवाद है, कंपनी के मीटर अधिक रीडिंग लेते हैं ऐसी शिकायतें उपभोक्ताओं को है. साथ ही सिम और रेडियो फ्रिक्वेंसी के मानकों को लेकर भी गतिरोध है. राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग भी इस मसले को नजदीक से वॉच कर रहा है. अगर स्मार्ट मीटर से छीजत रूकती है तो बिजली कंपनियों का घाटा रिकवर होने की संभावना है.