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राजस्थान: अवैध काश्त को लेकर विस्थापित संघर्ष समिति ने लगाई सरकार से गुहार

समिति का आरोप है कि  पुलिस थाना में  की मुकद्दमे दर्ज करवाए गए लेकिन आज तक भूमाफिया गिरोह से न्याय दिलाने में प्रशासन नाकाम रहा. 

राजस्थान: अवैध काश्त को लेकर विस्थापित संघर्ष समिति ने लगाई सरकार से गुहार
पोंग बांध 16,100 परिवारों में से राजस्थान सरकार ने श्री गंगानगर जिले में मात्र 1673 परिवारों को अलाटमेंट की थी.

जगसीर सिंह/घड़साना: पोंग बांध विस्थापित संघर्ष समिति श्री गंगानगर के अध्यक्ष अशोक कुमार गुलेरिया ने पुलिस प्रशासन पर भूमाफिया को भूमि पर नजायज कब्जे करने में सहायता करने का आरोप लगाया. साथ ही इस मामले पर विस्थापित संघर्ष समिति  ने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है. बता दें कि पोंग डैम मामले में हिमाचल प्रदेश के निवासियों की जमीन डैम के केचमेंट क्षेत्र में आने पर बदले में राज्य सरकार ने 1971 में इंदिरा गांधी नहर पर भूमि अलॉटमेंट की थी. पोंग डैम ओस्टीज का वातावरण अत्यधिक गर्म होने से वातावरण रास नहीं आने पर अपनी भूमि को ठेके पर देने लगे. इसी का फायदा उठाते हुए भूमाफिया गिरोह ने फिर ठेके पर काश्त करने के इकरारनामे व खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए. 

इस पर राज्य सरकार के तत्कालीन मुख्य मंत्री भैरों सिंह शेखावत भाजपा सरकार ने इकररनामों पर पेनल्टी भरवा कर पट्टे जारी कर दिए थे. जिस पर पोंग डैम ओस्टीज ने माननीय उच्च न्यायालय दिल्ली में न्याय के लिए रीट लगा कर न्याय की मांग की थी. उसमें जिला मुख्यालय पर न्यायालय खोले गए और सुनवाई हुई जिसमें 1188 मुरब्बे राज रकब्बा घोषित किया गया और हरी पानी काटने के आदेश माननीय न्यायालय द्वारा किए गए.

पोंग बांध 16,100 परिवारों में से राजस्थान सरकार ने श्री गंगानगर जिले में मात्र 1673 परिवारों को अलाटमेंट की थी. पोंग बांध विस्थापित संघर्ष समिति श्री गंगानगर ने पोंग ओस्टीज के राज रकब्बों पर नहरी पानी देने व अवैध रूप से प्रशासन द्वारा काश्त करवाने ओर भूमाफिया को भूमि पर नजायज कब्जे करने में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग पुलिस प्रशासन कर रहा हैं. ऐसे आरोप पोंग बांध विस्थापित संघर्ष समिति श्री गंगानगर के अध्यक्ष अशोक कुमार गुलेरिया ने लगाये हैं.

अध्यक्ष अशोक गुलेरिया ने प्रेस वार्ता में बताया कि हम अपने पीड़ित परिवारों के लगभग 1188 मुरब्बों पर राज रकबा पर 2000 के कब्जे भूमाफियाओं ने कर रखे हैं. उनके लिए तन मन धन से संघर्ष करेंगे. चाहे इस लड़ाई में हमें गोली चलानी पड़े या खानी पड़े. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा व कांग्रेस सिर्फ वोटों के लिए हमारे हकों पर डाका डाल रही है. उन्होंने ताजा उदाहरण देते हुए बताया कि अनूपगढ़ तहसील के चक 11 ए के मुरबा नंबर 16 पत्थर नंबर 251/ 466 वतन सिंह पुत्र हरिया चौधरी निवासी चक 10 ए निवासी को अलाटमेंट हुई थी. जिस पर अवैध रूप से भूमाफ़ियों जगदीश सिंह पुत्र गुरजंट सिंह, जगदेव सिंह पुत्र गुरजंट सिंह निवासी 10 ए आदि ने घर में घुसकर मारपीट कर भूमि पर कब्जा करने की नाकाम कोशिश की गई. 

वहीं इस पर अनूपगढ़ पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज किया गया. जिससे न्याय आज तक नहीं मिला. इसी अपर जिला सेशन न्यायाधीश अनूपगढ़ के दावा संख्या 22/ 016 सुधीर कुमार बनाम वतन सिंह जेरकार है. वतन सिंह ने अनूपगढ़ पुलिस थाना में एक और मुकद्दमा दर्ज करवाया लेकिन आज तक भूमाफिया गिरोह से न्याय दिलाने में प्रशासन नाकाम रहा. ऐसे अनेकों प्रकरण है जो पुलिस थाना में फाइनल रिपोर्ट कर दबा दिए जाते हैं. प्रशासन हमारी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है.