Ram Mandir निर्माण के दान में राजस्थान रहा सबसे आगे, दी 515 करोड़ रुपए की राशि

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर के लिए मकर संक्रांति 15 जनवरी 2021 से विश्व का अब तक का सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान चलाया गया. 

Ram Mandir निर्माण के दान में राजस्थान रहा सबसे आगे, दी 515 करोड़ रुपए की राशि
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री हैं चंपत राय. (फाइल फोटो)

Jaipur: अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पण निधि समर्पण में राजस्थान सबसे आगे रहा है. 42  दिन चले अभियान में राजस्थान से 515 करोड़ रुपए का समर्पण राम मंदिर के लिए भेजा गया है. अभियान से जुड़े जयपुर प्रांत के कार्यकर्ताओं के साथ श्री राम जन्मभमि मंदिर न्यास ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अनुभव साझा किए.

अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर के लिए मकर संक्रांति 15 जनवरी 2021 से विश्व का अब तक का सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान चलाया गया. 15 से 31 जनवरी अभियान के प्रथम चरण हुआ, जिसमें समाज के ऐसे लोगों से मिले जो बड़ी राशि का समर्पण कर सकते थे और दूसरे चरण में 31 जनवरी से 21 फरवरी तक प्रत्येक रामभक्त परिवार से व्यक्तिशः संपर्क का लक्ष्य रहा.

अभियान के समापन पर  कार्यकर्ताओ को समाज से जो अनुभव प्राप्त हुए उन्हीं को साझा करने के  लिए 7 मार्च रविवार को सांगानेर एयरपोर्ट के पास जगतपुरा में स्थित कस्तूरी मैरिज गार्डन में अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं की बैठक हुई. इस दौरान चंपत राय ने कहा कि अभियान में देश में 1 लाख 75 हजार  टोलियों के माध्यम से करीब 9 लाख कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर संपर्क किया. 38 हजार 125 कार्यकर्ताओं के माध्यम से समर्पण निधि बैकों में जमा हुई.

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के केन्द्रीय उपाध्यक्ष व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री चंपत राय ने जयपुर में पत्रकारों से कहा कि मंदिर निर्माण के लिए चलाया गया निधि समर्पण अभियान धरती का सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान बना है. राजस्थान के 36 हजार गांवों और शहरों से मंदिर के लिए 515 करोड़ रुपए से अधिक निधि का समर्पण हुआ है. हालांकि, अभी परिवारों के आंकड़े आने अभी शेष हैं लेकिन अनुमानत: 10 करोड़ परिवारों से हमारा संपर्क हुआ है तथा समाज के हर क्षेत्र से समर्पण प्राप्त हुआ है.

चंपत राय ने कहा कि 4 मार्च तक के आंकड़ों के अनुसार, मंदिर निर्माण के लिए अब तक 2500 करोड़ रुपए की राशि एकत्र हो चुकी है. अभी अंतिम आंकड़ा आना शेष है. निधि समर्पण अभियान पूर्ण हो जाने के बाद भी देश के प्रत्येक कोने से रामभक्त अपना समर्पण दे रहे है. अभी भी केन्द्रों तक पहुंचकर रामभक्त निधि का समर्पण कर रहे हैं. जो समाज के बंधु, रामभक्त संपर्क से छूट गए हैं, वे न्यास ट्रस्ट के नियमित खातों में समर्पण निधि जमा करा सकते हैं. वेबसाइट पर इन खातों की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध है.

चंपत राय ने कहा कि मंदिर के प्लींथ (चबूतरे) के लिए मिर्जापुर जिले और परकोटा के लिए जोधपुर का पत्थर लगाने पर विचार चल रहा है. मंदिर में भरतपुर जिले के बंशी पहाड़पुर का पत्थर लगेगा. उन्होंने कहा कि मंदिर के लिए 400 फीट लम्बाई, 250 फीट चौड़ाई और 40 फीट गहराई तक मलबा बाहर निकाला जा रहा है. मलबा पूरा बाहर निकलने के बाद, भराई का काम शुरू होगा. रिफिलिंग का मटेरियल IIT Madaras के वैज्ञानिक तैयार कर रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि जमीन तक क्रांकिट और इस पर 16.5 फीट उंचा चबूतरा पत्थरों से बनेगा, चबूतरे पर मंदिर बनेगा. मंदिर भूतल से 161 फीट उंचा होगा. मदिर 361 फीट लम्बा और 235 फीट चौड़ा होगा. तीन मंजिल बनेगा, प्रत्येक मंजिल की उंचाई 20 फीट होगी. कुल 160 खंभे लगेंगे. करीब ढ़ाई एकड़ में केवल मंदिर बनेगा, मंदिर के चारों ओर 6 एकड़ में परकोटा बनेगा. बाढ़ के प्रभाव को रोकने के लिए रिटेनिंगवाल जमीन के अंदर दी जाएगी. तीन वर्ष में यह काम पूरा हो जाएगी, इस तैयारी से हम काम कर रहे हैं.