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राजस्थान: कमजोर मानसून के कारण बीसलपुर बांध में कम हुई पानी आने की रफ्तार

दो दिन से बारिश कम हो रही है, जिसके चलते त्रिवेणी नदी का उफान अब कम हो गया है.

राजस्थान: कमजोर मानसून के कारण बीसलपुर बांध में कम हुई पानी आने की रफ्तार
सबसे पहले 2004 और 2006 में बीसलपुर बांध ओवरफ्लो हुआ था.

जयपुर: बीसलपुर बांध में पानी आने की रफ्तार अब कमजोर हो गई है. चार दिन की अच्छी बारिश के बाद अब अजमेर और भीलवाड़ा में दो दिन से मानसून कमजोर पड गया है, जिसके चलते बांध में पानी की आवक अब कम हो रही है. लेकिन फिर भी चार जिलों को उम्मीद टूट नहीं रही है, क्योंकि मानसून सितंबर तक सक्रिय रहेगा. यानि अभी बीसलपुर बांध में पानी की रफ्तार जरूर कम हुई, लेकिन उम्मीदे बरकरार है.

अच्छे मानसून के बीच इस बार बीलसपुर बांध से चार जिलों की उम्मीदे बढ़ने लगी है. चार दिन तक हुई अच्छी बारिश के बाद बांध में 20 नवंबर तक पानी आ गया है. लेकिन उसके बाद बांध में पानी आने की रफ्तार कम हो गई है. शुरूआती चार दिनों में अजमेर और भीलवाड़ा में अच्छी बारिश के बाद बांध में लगातार पानी की आवक तेजी से बढ़ती जा रही थी. लेकिन इन दोनों जिलों में दो दिन से बारिश कम हो रही है. जिसके चलते त्रिवेणी नदी का उफान अब कम हो गया है. जब त्रिवेणी नदी का उफान पर होती है और ओवरफ्लो होती है, तब भी बीसलपुर बांध में पानी की आवक बढ़ती है.

हालांकि बांध में हमेशा से यही ट्रेंड रहा है कि दस दशक में दो बार बांध ओवरफ्लो होता है. सबसे पहले बांध बनने के बाद 2004 और 2006 में ओवरफ्लो हुआ. फिर उसके 10 साल बाद 2014 और 2016 में ओवरफ्लो हुआ था. लेकिन जलदाय विभाग ये उम्मीद जता रहा है कि इस बार मानसून सक्रिय होने पर बांध में पानी की आवक अच्छी रहेगी. यदि इस बार बांध ओवरफ्लो हुआ तो दो साल तक बीसलपुर जयपुर समेत चार जिलों में पानी की कोई दिक्कत नहीं होगी.

बता दें कि बीसलपुर बांध में पानी सूखने के साथ ही, राजधानी सहित प्रदेश के 4 शहर के नागरिको का हलक भी सूखने के कगार पर पहुच चुका था. ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि अगर आने वाले सप्ताह में भरपूर बरसात नहीं हुई तो 15 अगस्त के बाद जयपुर, अजमेर, टोंक और दौसा के लोग पानी के लिए त्राहि त्राहि करते नजर आएंगे. जिसमे जयपुर, टोंक और अजमेर में तो भू जल भी नहीं है.