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राजस्थान: नेताओं की सिफारिश करवाना कर्मचारियों को पड़ेगा महंगा, होगी कार्रवाई

सर्कुलर में कहा गया है कि सेवा संबंधि मामलों को लेकर कर्मचारी उच्चाधिकारियों को राजनीतिक सिफारिश करवाते हैं तो कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

राजस्थान: नेताओं की सिफारिश करवाना कर्मचारियों को पड़ेगा महंगा, होगी कार्रवाई
विपक्ष के साथ ही मंत्रियों ने भी इस आदेश को लोकतंत्र विरोधी बताया है.

जयपुर: डीएलबी में बाहरी हस्तक्षेप को कम करने के लिए क्षेत्रीय उपनिदेशक ने एक तुगलकी सर्कुलर जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि सेवा संबंधि मामलों को लेकर कर्मचारी उच्चाधिकारियों को राजनीतिक सिफारिश करवाते हैं तो कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

डीएलबी सर्कुलर को सत्ता पक्ष और विपक्ष ने बताया गलत
डीएलबी के क्षेत्रीय उपनिदेशक की ओर से जारी किए गए सर्कुलर पर बवाल मच गया है. विपक्ष के साथ ही मंत्रियों ने भी इस आदेश को लोकतंत्र विरोधी बताया है. परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि जिस अफसर ने यह सर्क्युलर निकाला है उसका लोकतंत्र में विश्वास नहीं है. इस तरह का सर्क्युलर गलत है. 

वहीं भाजपा नेता अनिता भदेल और रामलाल शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में  ऐसे आदेशों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. वहीं निर्दलीय खुशवीर सिंह जोजावर ने कहा नेता अगर गलत सिफारिश करेगा तो क्या अफसर मान लेंगे क्या, जब नियम कायदे से ही काम होगा तो ऐसे तुगलकी फरमान का क्या मतलब है.

प्रदेश में ब्यूराक्रेसी हो रही हावी
डीएलबी के तुगलकी फरमान को लेकर विधायकों ने नाराजगी जताई है. कांग्रेस विधायक साफिया जुबेर ने कहा कि ऐसा सर्कुलर निकालना लोकतंत्र में गलत है. वहीं भाजपा विधायकों ने इस मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही है. निर्दलीय विधायक बलजीत यादव ने कहा कि मैंने हमेशा कहा कि ब्यूराक्रेसी प्रदेश में हावी हो रही है. अफसर नेताओं को मुट्ठी में रखना चाहते हैं.

मैंने आदेश पढ़ा नहीं
वहीं यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि मैंने आदेश पढ़ा नहीं है. आदेश पढ़ने के बाद ही इस पर कुछ कह पाउंगा. हालांकि उन्होंने कहा कि अगर ऐसा आदेश है तो इसे दिखवाना पड़ेगा.