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राजस्थान: कोर्ट के सख्त आदेश के बाद भी किसान उगा रहे कैमिकल युक्त पानी में सब्जियां

फैक्ट्रियों का कैमिकल युक्त गंदा पानी नाले में गिर रहा है और इसी गंदे पानी से किसान सब्जियां उगा रहे हैं.

राजस्थान: कोर्ट के सख्त आदेश के बाद भी किसान उगा रहे कैमिकल युक्त पानी में सब्जियां
गंदे पानी से धड़ल्ले से सब्जियां और फसलें उगाई जा रही है.

जयपुर: आप रोजाना सुबह शाम जो सब्जियां खा रहे हैं, जरूरी नहीं कि वो शुद्ध है. राजधानी जयपुर में बड़ी संख्या में लोग केमिकल युक्त गंदे पानी से पैदा हो रही सब्जियां खा रहे हैं. ये सब्जियां लोगों को लीवर, हार्ट, आंत सहित अनेक बीमारियां बांट रही है और लोगों को पता भी नहीं है. जयपुर में  सांगानेर, शिवदासपुरा, अजमेर रोड़, दिल्ली बायपास सहित आसपास के इलाकों में गंदे पानी से मौसमी सब्जियां उगाई जा रही है. बारिश के मौसम में सब्जियां एक तो महंगी हो रही है, वहीं बीमारियों के साथ लोगों को खाना मजबूरी बन रहा है. ये सब्जियां मंडियों या खुले रूप से बेची जा रही है.

जयपुर में अमानीशाह का नाला या अब द्रव्यवती नदी के किनारे व आमरे के इलाके में गंदे नाले से खेतों में सब्जियों के नाम पर बीमारियां बांटी जा रही है. इसमें फैक्ट्रियों का कैमिकल युक्त गंदा पानी नाले में गिर रहा है और इसी गंदे पानी से किसान सब्जियां उगा रहे हैं. नाले का पानी इतना गंदा व जहरीला है कि वहां खड़े होकर सांस लेना भी मुश्किल है. लेकिन इंजन पम्प लगाकर इस गंदे पानी से धड़ल्ले से सब्जियां और फसलें उगाई जा रही है. किसान इन सब्जियों को सांगानेर, लालकोठी सहित आसपास की मंडियों में आसानी से बेच रहे हैं. लोग बिना किसी हील हुज्जत के इन्हें खरीद भी रहे हैं. इधर बारिश के मौसम में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं. ऐसे में कैमीकल युक्त पानी की सब्जियां लोगों पर दोहरा असर कर रही है.

ग्रीन ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट दूषित पानी से उग रही सब्जियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे चुका है. इसके बावजूद संक्रमित और केमिकल युक्त पानी की सब्जियों की खेती को रोकना महज दिखावटी बन चुका है. कोर्ट के आदेश के बाद जेडीए-नगर निगम हर साल कार्रवाई के नाम पर अभियान चलते हैं, लेकिन कुछ समय बाद वही हाल हो जाते हैं. वहीं कलेक्टर की ओर से जेडीए, नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मॉनटरिंग के लिए बनाई जाती है लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी आमजन को स्वस्थ रखने की है लेकिन हाईकोर्ट की फटकार बाद भी नहीं चेत रहा है. जहरीली सब्जियां उगाने का दूसर पक्ष भी है. खेतों के आसपास पानी के लिए कोई जलस्त्रोत नहीं है. ऐसे में किसान दूषित पानी से सब्जियां उगाने के लिए विवश है. 

दरअसल पम्पसेट से नाले से गंदा पानी खींच कर उगाये जा रहे टमाटर, भिण्डी, लोकी, हरी मिर्च, तुरई, गोभी, गवारफली, मूली, गाजर, हरा धनियां, पोदीना, पालक, बैंगन इत्यादी की सप्लाई शहर की सभी सब्जी मंडियों में है. सब्जी विक्रेता भी इनके सस्ते मिल जाने के कारण किसानों से इन्हें खरीद लेते है. इन सब्जियों की मंडियों से ज्यादा आवक बड़े रेस्टारेंट में सीधे होती है तो ढाबा संचालक आलू, गोभी, प्याज, टमाटर सहित बाकी सब्जियां बडे पैमाने पर खरीदते है. ऐसे में मंहगा खाना खाने केबाद भी जहरीली सब्जियां ही नसीब होती है. गंदे नाले के पानी से उगाई सब्जियों के कारण लोगों को चर्म रोग, हार्ट, लीवर, सहित कई बीमारियां हो रही है. इसकी पुष्टि डॉक्टर भी कर रहे हैं। बावजूद इनके रोक नहीं लगाई जा रही है.