राजस्थान: सभी जिलों में होगा सुपर स्टोर का विस्तार, मिलेंगे प्रदेश के श्रेष्ठ उत्पाद

नीरज के पवन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिला भण्डारों को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं और विशेषताओं के अनुसार नये व्यवसायों को एक्सप्लोर करें.

राजस्थान: सभी जिलों में होगा सुपर स्टोर का विस्तार, मिलेंगे प्रदेश के श्रेष्ठ उत्पाद

जयपुर/ आशीष चौहान: प्रदेश में उपभोक्ताओं को शुद्ध, गुणवत्ता से पूर्ण और उचित दामों पर उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए जिला सहकारी उपभोक्ता भण्डारों के बीच कड़ी बन्धन को सुनिश्चित किया जाएगा. इनके द्वारा संचालित सुपर मार्केट की संख्या को बढ़ाया जाएगा. इन सुपर मार्केटों के जरिए हर जिले के श्रेष्ठ उत्पादों की पूरी रेंज उपलब्ध कराई जाएगी.

सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के पवन ने बताया कि "हमारे यहां सभी जिलों में पैदा होने वाले उत्पाद अपने आप में अनूठें हैं और वहां की स्थानीय परम्परा और भौगोलिक परिवेश के अनुसार तैयार किए जाने वाले उत्पादों का कोई सानी नहीं है. उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं को इन उत्पादों को अन्य क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को उनके मूल स्वरूप, स्वाद और महक के साथ उचित दाम पर उपलब्ध कराने के लिए बेडा उठाना चाहिए."

रजिस्ट्रार का कहना था कि " इसी मूल भावना को देखते हुए हम सहकारी संस्थाओं के मध्य कड़ी बन्धन को और मजबूत कर रहे हैं. अब सभी जिला सहकारी उपभोक्ता भण्डारों के काउण्टर पर बूंदी के चावल, रामगंजमण्डी का धनिया, नागौर की पान मैथी, कसूरी मैथी, कैर-सांगरी, काचरी, सूखी सब्जियां, असनावर के कपड़े, बैडशीट, टॉवल, रजाईयां, मांगरोल के खेस, कोटा का गुड़, झालावाड़ का लहसुन पेस्ट, पाउडर, अश्वगंधा मिलने लगेगा. उन्होंने कहा कि पुष्कर का गुलकंद, गुलाबजल, राजसमन्द की ठण्डाई, कोटा की कोटा डोरिया की साडियां, सूट आदि, भुसावर का पचरंगा अचार, नापासर की खेस, बालोतरा की बैडशीट भी उचित दरों पर मिलेंगी."

नीरज के पवन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिला भण्डारों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं और विशेषताओं के अनुसार नए व्यवसायों को एक्सप्लोर करें. उन्होंने निर्देश दिए कि जिला भण्डार व्यवसाय अपने परम्परागत व्यवसाय के साथ-साथ सीजनल व्यवसाय को भी अपनाएं। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

 जिला भण्डार सीएचसी अस्पतालों के स्तर पर अपनी मेडिकल की शॉप की शुरूआत करें ताकि आमजन को दवाईयां सुलभ हो सके. पहले चरण में जिला स्तर पर सहकारी संस्थाओं द्वारा संचालित मेडिकल की दुकानों को 24 घण्टे संचालित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं.निजी अस्पतालों में भी सहकारी मेडिकल की दुकाने खोली जाएंगी.