राजस्थान: संस्कृत के उत्थान के लिए सरकार ने कसी कमर, होगी वैदिक स्थापना की बोर्ड

विभाग द्वारा वैदिक स्थापना बोर्ड के साथ ही संस्कृत शिक्षा में भर्तियों के लिए नियमित कैलेंडर तैयार कराया जाएगा

राजस्थान: संस्कृत के उत्थान के लिए सरकार ने कसी कमर, होगी वैदिक स्थापना की बोर्ड
संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉक्टर सुभाष गर्ग ने गुरुवार को संस्कृत शिक्षा विभाग की रिव्यू बैठक ली

ललित कुमार/जयपुर: लम्बे समय से प्रदेश में संस्कृत शिक्षा के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं लेकिन अब नये संस्कृत शिक्षा मंत्री से सबको उम्मीदें है. इसी को लेकर नये संस्कृत शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग ने कमर कस ली है. सुभाष गर्ग ने आज संस्कृत विभाग के सभी अधिकारियों की एक मैराथन मीटिंग ली. सचिवालय में अपने कक्ष में रखी इस मीटिंग में मंत्री सुभाष गर्ग ने विभाग के अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए. साथ ही संस्कृत शिक्षा को रोजगारपक बनाने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए. इसके साथ ही पाठ्यक्रम में महानता के सवाल पर भी सुभाष गर्ग ने बेबाक रूप से अपनी राय रखी. 

संस्कृत शिक्षा में अटकी भर्तियों को दुरस्त कर जल्द अभ्यर्थियों को नियुक्तियां करने की पहली प्राथमिकता के साथ संस्कृत शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग ने आज अधिकारियों की पहली मीटिंग ली.  विभाग की पहली समीक्षा बैठक में संस्कृत शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए संस्कृत शिक्षा को रोजगारपरक बनाए जाने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि 'संस्कृत शिक्षा विभाग में रिक्त पदों की नई अभ्यर्थना भी तैयार कराई जाएगी, साथ ही विभाग में लम्बित पड़े कार्यों को जल्द से जल्द काम पूरे किए जाएंगे'.

साथ संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉक्टर सुभाष गर्ग ने गुरुवार को संस्कृत शिक्षा विभाग की रिव्यू बैठक ली. इस बैठक में उन्होंने स्कूली और कॉलेज संस्कृत शिक्षा के विभिन्न लंबित मसलों पर अधिकारियों से चर्चा की. संस्कृत में सेवा नियम, डीपीसी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई. बैठक में उन्होंने अधिकारियों को साफ दिशा निर्देश दिए कि संस्कृत को करियर ओरियंटेड बनाया जाना बेहद जरूरी है. 

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा वैदिक स्थापना बोर्ड के साथ ही संस्कृत शिक्षा में भर्तियों के लिए नियमित कैलेंडर तैयार कराया जाएगा. साथ ही संस्कृत निदेशालय और विश्वविद्यालय और स्कूल शिक्षा से जुड़े अधिकारी और शिक्षकों को विभाग के काम-काज का रोडमैप भी बताया. बता दें कि एक दिन पहले ही डॉ सुभाष गर्ग ने तकनीकी शिक्षा विभाग की बैठक भी ली थी. जिसमें अधिकारियों को भर्तियों के संबंध में निर्देश जारी किए थे.

वहीं, शिक्षा में भगवाकरण के मामलों में शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा का समर्थन करते हुए संस्कृत शिक्षा मंत्री ने भी साफ कहा कि पाठ्यक्रम को विद्यार्थी हित में बनाया जाना चाहिए. अकबर और महाराणा प्रताप के बीच तुलना करना ठीक नहीं. प्रताप महान थे उन पर पूरे प्रदेश को नाज है. लेकिन अकबर का भी इतिहास में अलग स्थान है. वहीं उन्होने बीजेपी सरकार पर तंज करते हुए कहा कि एक ही एंगल से इतिहास को नहीं देखा जा सकता है.