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राजस्थान: विश्व संग्रहालय दिवस पर निशुल्क एंट्री, फूल-माला के साथ किया पर्यटकों का स्वागत

विश्व संग्रहालय दिवस प्रतिवर्ष देश और दुनिया में मनाया जाता है. 18 मई 1983 को संयुक्त राष्ट्र ने संग्रहालय की विशेषता एवं महत्व को समझते हुए अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाने का निर्णय लिया था.

राजस्थान: विश्व संग्रहालय दिवस पर निशुल्क एंट्री, फूल-माला के साथ किया पर्यटकों का स्वागत
हर साल 18 मई को विश्व संग्रहालय दिवस मनाया जाता है.

जयपुर: विश्व संग्रहालय दिवस पर शनिवार को राजस्थान के सभी स्मारक और संग्रहालयों में पर्यटकों का निशुल्क प्रवेश रखा गया है. स्मारक और संग्रहालयों में पर्यटकों के प्रवेश के दौरान पुरातत्व विभाग की ओर से तिलक-माला और पुष्प देकर स्वागत किया जा रहा है. पुरातत्व विभाग के स्वागत सत्कार के अभिवादन पर पर्यटकों ने हाथ जोडकर अभिनंदन किया. राजधानी जयपुर के स्मारक और संग्रहालय आमेर महल, जंतर-मंतर, हवामहल और अल्बर्ट हॉल को पुरातत्व विभाग की ओर से रंगोली से सजाया गया. 

विश्व संग्रहालय दिवस प्रतिवर्ष देश और दुनिया में मनाया जाता है. 18 मई 1983 को संयुक्त राष्ट्र ने संग्रहालय की विशेषता एवं महत्व को समझते हुए अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाने का निर्णय लिया था. इसका मूल उद्देश्य जनसामान्य में संग्रहालयों के प्रति जागरूकता और उनके कार्यकलापों के बारे जनजागृति का प्रचार प्रसार करना है. लोग संग्रहालयों में जाने अपने इतिहास को अपनी प्राचीन समृद्ध परंपराओ को जाने और समझे. 

संग्रहालय में रखी वस्तु हमारी सांस्कृतिक धरोहर और प्रकृति को प्रदर्शित करती है. अल्बर्ट हॉल के अधिक्षक राकेश छोलक ने बताया कि गर्मी के चलते रोजाना करीब एक हजार पर्यटक अल्बर्ट हॉल पहुंचते हैं तो विश्व संग्रहालय दिवस पर आज निशुल्क होने पर करीब 4 हजार पर्यटकों का यहां पहुंचने का अनुमान है. 

विश्व संग्रहालय दिवस पर बड़ी संख्या में पर्यटक अल्बर्ट हॉल पहुंच रहे हैं. पर्यटकों ने कहा कि अल्बर्ट हॉल की गैलरी के संग्रह में विभिन्न कालों की धातुकला, अस्त्र-शस्त्र, मूर्तियां, अंतरराष्ट्रीय कलाकृतियां, बर्तन, लघु चित्र (मिनिएचर), संगमरमर कला-कृतियां, हाथी-दांत की कला-कृतियां (आइवरी आर्ट), आभूषण, संगीत उपकरण, फर्नीचर और काष्ठ-कला, सिक्के, गारमेंट्स और कपड़े, मृणशिल्प, कालीन की वस्तुएं देखने को मिली हैं. संग्रहालयों में पूर्व काल का इतिहास एक ही जगह देखने को मिल जाता है. इससे इतिहास की जानकारी मिलने से लोगों का ज्ञान भी बढ़ता है.