राजस्थान: स्वतंत्रता सेनानियों के लिए गहलोत सरकार ने लिए कई अहम फैसले...

 सरकार ने राजस्थान के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं.

राजस्थान: स्वतंत्रता सेनानियों के लिए गहलोत सरकार ने लिए कई अहम फैसले...
गहलोत सरकार स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन योजना पर विशेष तौर पर काम कर रही है.

जयपुर: राजस्थान में सूबे की कमान संभालने के बाद से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सीनियर सिटीजन और स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन योजना पर विशेष तौर पर काम कर रहे हैं. सरकार के 1 साल के कामकाज में सीएम ने वरिष्ठ नागरिकों और स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन योजना और चिकित्सा सेवाओं में इजाफा कर उन्हें बेहतर जीवन जीने की सुविधा दी है.

किसी भी वेलफेयर स्टेट में उसके सीनियर सिटिजन और स्वतंत्र सेनानी एक अहम हिस्सा होते हैं. सरकार के कामकाज का आकलन इस बात से होता है कि सरकार इस वर्ग के लिए क्या कुछ करने जा रही है. वहीं, राजस्थान की बात करें तो गहलोत सरकार इस मामले पर खरी साबित हुई है. सरकार ने राजस्थान के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं.

मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना
55 वर्ष से अधिक आयु की महिला व 58 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष जो राजस्थान  के मूल निवासी हों. साथ ही वह राजस्थान में रह रहे हो और जिनके जीवन निर्वाह के लिए आय का कोई स्रोत ना हो उनके लिए सरकार ने पेंशन राशि में 250 का इजाफा किया है. राजस्थान में वृद्धावस्था पेंशन में शामिल लोगों की संख्या 46 लाख है. इसके अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना में विस्तार करते हुए काठमांडू नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर को भी इसमें शामिल किया गया. योजना के तहत 6 हजार 840 वरिष्ठ नागरिकों को चयनित तीर्थ स्थलों की यात्रा करायी गई है. जिसमें 206 यात्रियों को पशुपतिनाथ नेपाल की यात्रा हवाई मार्ग से कराई.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप एस. एम. एस. चिकित्सा महाविद्यालय में वरिष्ठ नागरिकों के लिए जांच एवं सैंपलिंग वेटिंग जॉन में ही करने की सुविधा प्रदान की गई है. केवल वृद्धावस्था पेंशन नहीं गहलोत सरकार स्वतंत्र सेनानियों की पेंशन को लेकर भी बेहद संवेदनशील है. यही वजह है कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद स्वतंत्रा सेनानियों की पेंशन राशि में 5000 का इजाफा हुआ है.

गहलोत सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन राशि 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह की गई. स्वतंत्रता सेनानियों की चिकित्सा सहायता 4000 से बढ़ाकर 5000 रुपए प्रतिमाह की गई. प्रदेश में समस्त स्वतंत्रता सेनानियों को राज्य स्थित 34 सर्किट हाउसेज एवं राजस्थान हाउस में ठहरने की सुविधा भी दी गई है.

निश्चित तौर पर प्रदेश के वरिष्ठ नागरिक और स्वतंत्र सेनानियों के लिए गहलोत सरकार के उठाए गए कदम बेहद महत्वपूर्ण है. पेंशन राशि में इजाफा और चिकित्सा जैसी सुविधाएं मिलने से प्रदेश के वृद्धजन सम्मान और गरिमा के साथ अपना जीवन जी रहे हैं. सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम से वे अब किसी पर निर्भर नहीं है.