close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: स्कूली छात्रों की किताबों का बोझ कम करने की कवायद में जुटी गहलोत सरकार

चैप्‍टर में विभाजित कर छोटी छोटी पुसतकों को ही ले जाने से बच्‍चे को पूरी पुस्‍तक स्‍कूल में ले जाने से निजात मिल सकेगा.

राजस्थान: स्कूली छात्रों की किताबों का बोझ कम करने की कवायद में जुटी गहलोत सरकार
फाइल फोटो

जयपुर: पीठ पर पुस्‍तकों से भरे थैलों को लादे बच्‍चे स्‍कूल जाते हैं तो कहीं ना कहीं यह टीस जरूर होती है कि नन्‍ही सी जान और इतना कमर पर बोझ. बात यह भी कौंधती है कि कैसे बच्‍चे की पीठ पर लदे थैले का बोझ कम किया जाए. इस बोझ को कम करने के लिए लगातार नवाचार कर रहे शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने कवायद शुरू कर दी है. पीरामल फांउडेशन के सहयोग से इस बोझ को कम करने का खाका तैयार किया जा रहा है. 

शिक्षा मंत्री डोटासरा ने बताया कि किताबों को चैप्‍टरों में विभाजन किया जाएगा और इन चैप्‍टरों की छोटी छोटी पुस्‍तकें बनाई जाएंगी और इन छोटी छोटी पुस्‍तकों को शिक्षकों को पढ़ाने की समयाविध फिक्‍स की जाएगी ताकि समय पर पाठयक्रम पूरा हो और बच्‍चों को चैप्‍टर वाइज पढ़ाने की समयसारणी मुहैया करवाई जाएगी. उसी अनुसार बच्‍चे अपने चैप्‍टर मे विभाजित पुस्‍तकें लेकर स्‍कूल जा सकेंगे. चैप्‍टर में विभाजित कर छोटी छोटी पुसतकों को ही ले जाने से बच्‍चे को पूरी पुस्‍तक स्‍कूल में ले जाने से निजात मिल सकेगा. इसके लिए पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से पूरा प्रोजेक्‍ट बनाया जा रहा है.

एक पुस्‍तक को चैप्‍टर के मुताबिक विभाजन कर छोटी छोटी पुस्‍तकें बनाने के लिए जो भी खर्चा आएगा वह भी अभिभावक को वहन नहीं करना पड़ेगा. साथ ही मनमर्जी से निजी स्‍कूलों द्वारा चलाई जाने वाली पुस्‍तकों पर अंकुश लगाया जाएगा. शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने बताया कि खर्चा राज्‍य सरकार वहन करेगी बच्‍चे और अभिभावक को इसके लिए धन खर्च नहीं करना पड़ेगा. इसके अलावा निजी स्‍कूलों द्वारा मनमर्जी से कोई भी पुस्‍तक नहीं लागू होगी. इतना ही नहीं डोटासरा ने बताया कि कोचिंगों और निजी स्‍कूलों में मनमर्जी की फीस पर भी अंकुश लगाया जाएगा. शिकायत आने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी. भेड़ बकरियों को एक क्‍लास में भरकर पढ़ाई कराने पर भी कोचिंगों पर अंकुश लगाया जाएगा.

डोटासरा की ओर से बच्‍चों के बोझ को कम करने की पहल को लेकर अभिभावक भी प्रसन्‍न हैं. अभिभावकों का कहना है कि मनमर्जी फीस पर अंकुश लगाने के जो प्रयास किए जा रहे हैं. वे सराहनीय है साथ ही बस्‍ते के बोझ को कम करने का भी अभिभावक प्रशंसा करते हैं और इस बात की उम्‍मीद कर रहे हैं कि जल्‍द ही इस प्‍लान को लागू किया जाएगा ताकि बच्‍चों को जो शारीरिक और मानसिक तनाव झेलना पड़ता है उससे बच्‍चों को निजात मिल सके.