राजस्थान: अपनी पुरानी योजनाओं को फिर से शुरू करने में जुटी गहलोत सरकार

समाज कल्याण विभाग और श्रम विभाग के पैंडिंग वर्क को जल्द पूरा करवाने के लिए भी पंचायत स्तर पर विशेष अभियानों की शुरूआत की गई है

राजस्थान: अपनी पुरानी योजनाओं को फिर से शुरू करने में जुटी गहलोत सरकार
एक फरवरी से गतिमान प्रशासन अभियान को फिर से शुरू कर दिया जाएगा

अविनाश जगनावत/उदयपुर: सूबे के नए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ठीक एक माह पहले आज ही के दिन पद और गोपनियता की शपथ ली थी. इसके बाद सत्ता परिर्वतन का असर राजधानी से लेकर आदिवासी अंचल उदयपुर तक साफ देखने को मिला. ब्यूरोक्रेसी में बदलाव के साथ शुरू हुआ परिवर्तन का दौर सरकारी योजनाओं में भी साफ देखने को मिल रहा है. 

प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान सीएम अशोक गहलोत ने साफ संकेद दिए थे कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार की तमाम वो जन कल्याणकारी योजनाएं जो भाजपा शासन में ठंडे बस्ते में चली गई थी उन्हे फिर से शुरू किया जाएगा. उनकी इस बात का असर उदयपुर जिले में एक माह के कार्यकाल के दौरान साफ तौर पर देखा जा रहा है. जिले की नई कलक्टर आनन्दी ने अपना पदभार ग्रहण करने के साथ ही आदिवासी अंचल में कांग्रेस सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी महात्मागांधी नरेगा योजना को नए सिरे से शुरू करने पर जोर दिया. इसके लिए जिले में काम मांगों अभियान को शुरू किया गया और सभी अधिकारियों को इसे सफलता पूर्वक लागु करने के निर्देश जारी किए गए. 

यही नहीं जिन नरेगा श्रमिकों के सौ दिन का कार्य पुरा नहीं है उन्हे चिन्हित कर उनसे सौ दिन का कार्य पूर्ण करवाया जा रहा है. जिससे वे सरकार की अन्य योजनाओं के लाभार्थी बन पाए. इन तमाम प्रयासों का व्यापाक असर भी धरातल पर देखने को मिल रहा है. अब तक एक लाख तीस हजार से भी अधिक लोग नरेगा योजना से जुड़ चुके हैं. इसके अलावा समाज कल्याण विभाग और श्रम विभाग के पैंडिंग वर्क को जल्द पूरा करवाने के लिए भी पंचायत स्तर पर विशेष अभियानों की शुरूआत की गई है. 

इसके साथ गहलोत सरकार के पूर्व कार्यकाल में आदिवासी अंचल के लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए चलाया गया गतिमान प्रशासन अभियान भी एक बार फिर गति पकड़ने को तैयार है. गतिमान प्रशासन अभियान में काम आने वाली बस को तैयार किया जा रहा है और आगामी एक फरवरी से गतिमान प्रशासन अभियान को फिर से शुरू कर दिया जाएगा. कलक्टर आनंदी ने बताया कि जिले के झाडोल और कोटडा के सुदूर इलाकों में गतिमान प्रशासन की बस पहुंचेगी और लोगों तक सरकारी योजना के प्रति जागरूक करने के साथ उनके आवश्यक कार्यो को भी पूरा किया जाएगा.

बहहाल सत्ता परिर्वतन के बाद कांग्रेस सरकार की पुरानी योजनाएं तो रफ्तार पकड़ने लगी है. ऐसे में तीसरी बार सूबे के सत्ता की कमान संभाल रहे अशोक गहलोत अगर भाजपा सरकार की भी जन कल्याण कारी योजनाओं को आगे बढाने में भी सफल हुए तो वे प्रदेश में एक नया इतिहास रचने में जरूर सफल होगें.