राजस्थान: गायों की मौतों के बाद अब बीकानेर में बनेगी पहली गाय सेंचुरी, सरकार ने की भूमि आवंटित

विज ने कहा कि इस जमीन में लगभग 10,000 मवेशी रह सकेंगे. इसमें इधर-उधर भटकने वाले पशुओं के साथ-साथ मालिकों द्वारा त्यागे गए पशु भी रह सकेंगे.

राजस्थान: गायों की मौतों के बाद अब बीकानेर में बनेगी पहली गाय सेंचुरी, सरकार ने की भूमि आवंटित

बीकानेर: राजस्थान सरकार ने पहले गाय अभयारण्य के लिए निजी ट्रस्ट मोहनलाल बुलादेवी ओझा गौशाला को 320.42 एकड़ जमीन आवंटित की है. बीकानेर के पशुपालन विभाग के निदेशक अशोक विज ने कहा कि निजी ट्रस्ट को दी गई इस जमीन का मकसद बीकानेर जिले के नपासर में देश के पहले गाय अभयारण्य को विकसित करना है. 

विज ने कहा कि इस जमीन में लगभग 10,000 मवेशी रह सकेंगे. इसमें इधर-उधर भटकने वाले पशुओं के साथ-साथ मालिकों द्वारा त्यागे गए पशु भी रह सकेंगे.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पिछले सप्ताह बीकानेर का दौरा किया था और 27 जुलाई को दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किया था. इसमें एक का संबंध नपासर में गायों के लिए अभयारण्य से है और दूसरा बीकानेर में नंदीशाला बनाने से संबंधित है. 

योजना इस अभयारण्य को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की है. विज ने कहा कि इसमें पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध होगा. राज्य में पहले से ही गायों के कल्याण के लिए समर्पित एक मंत्रालय है. जून में राज्य सरकार ने गाय संरक्षण के लिए धन इकट्ठा करने के लिए स्टाम्प ड्यूटी पर 20 फीसदी अधिभार लगाया था. हालांकि, इसी बीच राज्य में बरासत के मौसम में कई जगह गौशाला की खराब स्थिति की खबरें भी सामने आई हैं. 

जयपुर में भी नगर निगम की लापरवाही के कारण गौशाला में कई पशुओं की जान खतरे में है. हिंगोनिया गौशाला में दो साल पहले भी कई पशुओं की बरसात के मौसम में मौत हो गई थी. वहीं एक बार फिर इस गौशाला की स्थिति ठीक नहीं है. 

(इनपुट आईएएनएस)