close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान सरकार माउंट आबू को दे सकती है बिल्डिंग बायलॉज की सौगात

प्रदेश के मुख्यमंत्री गहलोत भी बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, पाली, जालोर के बाद आज सिरोही की धरा पर मतदाताओं के मानस की थाह लेने पहुंच रहे है

राजस्थान सरकार माउंट आबू को दे सकती है बिल्डिंग बायलॉज की सौगात
सिरोही विधानसभा क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है

माउण्ट आबू: लोकसभा सभा चुनावों की दहलीज़ पर खड़े देश के लिए आगामी दिनों में होने वाले 16वीं लोकसभा के चुनाव भविष्य के लिए निर्णायक साबित होने वाले हैं. यही वजह है कि, ठीक आम लोक सभा चुनावों की रणभेरी बजने से पहले ही सभी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है और चुनावी रण में मतदाताओं के मन-मानस को टटोलने निकल चुकें हैं.

इसी क्रम में अब प्रदेश के मुख्यमंत्री गहलोत भी बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, पाली, जालोर के बाद आज सिरोही की धरा पर मत दाताओं के मानस की थाह लेने पहुंच रहे है. अब सर्जिकल एयर स्ट्राइक के बाद से जनता-जनार्दन के मन-मानस में क्या कुछ चल रहा है और इस बार उसका मूढ़ क्या है?  संगठन के कार्यकर्ताओं के जोश जज्बे में कुछ बदलाव तो नहीं आ गया? कहीं आम लोगों की धारणाएं एकाएक बदल तो नहीं गई? इन सब पहलुओं पर कांग्रेस जन-मानस की राय लेने का मन बना चुकी है.

जहां तक बात की जाए सिरोही की तो यह क्षेत्र तो विधानसभा क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है और वर्तमान में हुई एयर स्ट्राइक से तो आमजन के मन मे केवल मोदी-मोदी के ही नाम व काम की छाप दिखाई दे रही है.

वैसे भी विधान सभा चुनावों के बाद से सिरोही जिले के लिए प्रदेश के मुखिया से कोई विशेष उपलब्धियां हाल तक उभर-कर सामने नहीं आ पायी है. ऐसे में मुख्यमंत्री गहलोत के दौरे से सिरोही जिले के निवासियों के लिए सालगांव बांध परियोजना, बतीसा नाला परियोजना, यमुना के पानी को सिरोही की धरा पर लाने समेत बहुप्रतीक्षित माउण्ट आबू के बिल्ड़िंग बायलॉज की घोषणा हो जाती है, तो अवश्य ही पार्टी के जनाधार में विस्तार की कुछ सम्भावनाएं जगने आसार बढ़ जाएंगे. 

हालांकि जनता जनार्दन तो अपना जनादेश देगी ही और जनादेश के बाद में क्या कुछ आएगा, इसको अब देश वासी पहले ही भांप रहे है. वैसे गहलोत आज माउंट आबू के बिल्ड़िंग बायलॉज समेत अन्य विकास की योजनाओं की घोषणाएं करते जनमानस को अपने पक्ष में कर पाते है, अथवा महज औपचारिकता निभाकर ही लौट जाते है, यह देखना दिलचस्प होगा.