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राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाई करने के लिए एसीबी को दी खुली छूट

नारकोटिक्स के बड़े अधिकारी की हो या खान विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी की राजस्थान ACB ने घूसखोरी की बड़ी से बड़ी हर शिकायत पर कार्रवाई की है. 

राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाई करने के लिए एसीबी को दी खुली छूट
ACB की खान विभाग की कार्रवाई चर्चा में है.

जयपुर: राजस्थान में पिछले 6 महीने से एसीबी भृष्टाचार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है. कारण है राजस्थान में एसीबी की टीम को सीएम गहलोत की तरफ से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने की खुली छूट दे दी गई है. बात नारकोटिक्स के बड़े अधिकारी की हो या खान विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी की राजस्थान ACB ने घूसखोरी की बड़ी से बड़ी हर शिकायत पर कार्रवाई की है. 

वहीं गहलोत सरकार के इस कदम से परिणाम यह निकला है कि एसीबी मुख्यालय में कोई भी पीड़ित बेखौफ होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी शिकायत लेकर पहुंचता है तो उसकी शिकायत पर कार्रवाई की जाती है. एसीबी डीजी डॉ आलोक त्रिपाठी, एडीजी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एमएन की मोनिटरिंग में राजस्थान एसीबी लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही है. एक बार फिर ACB की खान विभाग की कार्रवाई चर्चा में है. कारण है खान विभाग के वर्तमान सर्वेसर्वा को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़े जाना.

प्रदेश में भ्रष्टाचारियों की रातों की नीदें उड़ चुकी है और दिन का चैन भी खो चुका है. एसीबी के डीजी डॉ आलोक त्रिपाठी, एडीजी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एमएन की।जिनके सुपरविजन में लगातार एसीबी बड़े-बड़े घूसखोरों को पकड़ती जा रही है. राजस्थान में करप्शन के खिलाफ जीरो टोलरेंस नीति अपनाई जा रही है. फिर चाहे किसी मंत्री या विधायक का आशीर्वाद प्राप्त सरकारी अधिकारी या निजी दलाल ही क्यों ना हो.

बता दें कि 26 जनवरी 2019 को केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कोटा विभाग के अतिरक्त कमिश्नर सहीराम मीणा को 1 लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए किया गिरफ्तार. जबकि नारकोटिक्स विभाग के अधीक्षक सुधीर यादव ,सब इंस्पेक्टर भानू प्रताप सिंह केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो चित्तौडगढ़ को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया. रिश्वत की ये राशि भी अफीम से जुड़े मामले में ली जा रही थी.

वहीं, राजस्थान एसीबी ने सीबीआई के इंस्पेक्टर प्रकाश चन्द्र और निजी दलाल को रिश्वत के मामले में रडार पर लिया था. घूसखोरी के इस मामले में दलाल गिरफ्तार हुआ और इंस्पेक्टर फरार हो गया. जबकि सीबीआई ने घूसखोर इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया.

प्रदेश में इन दिनों एसीबी लगातार बड़े-बड़े रिश्वतखोरों का भांडा फोड़ने में लगी है. कोटा में घूसखोर सहीराम का मामला हो, या जयपुर में एसीपी आस मोहम्मद प्रकरण, या फिर भंडारी हॉस्पिटल के चेयरमैन को पकड़ने का मामला, भ्रष्टाचारियों में भगदड़ मची है. अभी हाल ही में एसीबी ने सीबीआई इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के दलाल को 75 लाख की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया. अब एसीबी प्राइवेट सेक्टर में भी घूसखोरों पर नकेल कस रही.