close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान सरकार ने कोचिंग सेंटर को दिया 15 दिन में व्यवस्था दुरूस्त करने का आदेश

खबर के मुताबिक सभी कोचिंग सेंटर यहां रेजिडेंशियल इलाके में मकानों के भीतर ही चलाए जा रहे हैं. जिसके हर फ्लोर पर किसी न किसी नाम से कोचिंग सेंटर खुला हुआ है. 

राजस्थान सरकार ने कोचिंग सेंटर को दिया 15 दिन में व्यवस्था दुरूस्त करने का आदेश
नगर परिषद ने एक आदेश जारी कर शहर भर के कोचिंग सेंटरों की जांच शुरू कर दी है.

भीलवाड़ा: हर कोचिंग सेंटर के बाहर लगे बड़े से बोर्ड पर छात्रों को विभिन्न विभागों में अधिकारी बनने के सपने तो दिखाए जा रहे हैं, लेकिन छात्रों के यह सपने बेहद असुरक्षित तरीके से पिंजरानुमा कोचिंग सेंटरों में पूरे करने की कवायद चल रही है. छात्रों से कोचिंग के नाम पर फीस के रूप में लाखों रुपए वसूलने के बाद भी इन कोचिंग सेंटरों में छात्रों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं. 

खबर के मुताबिक सभी कोचिंग सेंटर यहां रेजिडेंशियल इलाके में मकानों के भीतर ही चलाए जा रहे हैं. जिसके हर फ्लोर पर किसी न किसी नाम से कोचिंग सेंटर खुला हुआ है. क्योंकि ज्यादातर मकानों के भीतर ही कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं, लिहाजा, यहां सुरक्षा के इंतजाम भगवान भरोसे ही हैं. कोचिंग सेंटर में बैठे मैनेजर या फिर केयरटेकर से जब छात्रों की सुरक्षा पर हमने बात करने की कोशिश की तो वह बात को एक दूसरे पर टालते हुए नजर आए.

वहीं, आग से छात्रों की सुरक्षा की बात पर उन्होंने आग बुझाने वाले गैस सिलेंडर तो दिखाए, लेकिन सैकेंड एग्जिट गेट के नाम पर बगलें झांकते दिखाई दिए. आग से बचने के लिए सैकेंड एग्जिट गेट और सैकेंड स्टेयर्स की बात पर कुछ कोचिंग सेंटर चलाने वालों ने माना कि उनके यहां पीछे की ओर गेट है. लेकिन इस झूठ से भी उस वक्त पर्दा उठ गया जब हमारी टीम ने पिछली गली में जाकर उनके द्वारा कही गई सेकेंड गेट की बात की पड़ताल की. पिछली गली में मौजूद गेट बंद पाए गए. कई पर तो बाहर की ओर से ताले लटके हुए मिले.

एबीवीपी और एनएसयूआई के प्रदर्शन के बाद हरकत में आई नगर परिषद ने एक आदेश जारी कर शहर भर के कोचिंग सेंटरों की जांच शुरू कर दी है. पहले दिन पांच कोचिंग सेन्टरों की जांच कर उन्हें नोटिस थमाये गये है. साथ ही चेतावनी दी गई कि कोचिंग सेन्टरों से निकलने की उचित व्यवस्था और आग के संसाधनों सहित सभी कमियां 15 दिन में पूरी कर ली जाए अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. 

नगर परिषद फायर स्टेशन इंचार्ज छोटूराम ने बताया कि सूरत में हुई घटना के बाद उच्च स्तरीय निर्देश की पालना में आज शहर के सिंधुनगर इलाके में स्थित चिंतन एकेडमी, कलाम लाईब्रेरी सहित पांच कोचिंग संस्थानों पर नगर परिषद की एक टीम ने सर्वे किया. इस दौरान इन कोचिंग सेन्टरों से निकलने वाले रास्ते, आग बुझाने के साधनों, अलार्म सिस्टम आदि का सर्वे किया गया. जिन संस्थानों में उचित संसाधन और व्यवस्थाएं ठीक नहीं मिली उन्हें मौके पर ही नोटिस थमाए गये और चेतावनी दी कि वे कोचिंग स्थानों में पाई गई कमियों को 15 दिन में दूर कर लें अन्यथा उनके खिलाफ  कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. 

परिषद की इस कार्रवाई के बाद कोचिंग सेन्टर संचालकों में खलबली मची है. फायर इंचार्ज का कहना है कि यह कार्रवाई निरन्तर जारी रहेगी. कोचिंग सेन्टरों के साथ-साथ परिशद की टीम ने शहर के सिटी सेन्टर मॉल, बायोस्कोप, डी-मार्ट, रिलायंस मॉल के साथ ही सुरभि कॉम्पलेक्स के रिलायंस मार्ट पर मॉक ड्रिल कर आपात स्थिति में आग पर काबू पाने और बाहर निकलने संबंधित जानकारी दी गई. इस दौरान इन मॉल पर उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों सहित अन्य संसाधनों की टेस्टिंग भी की गई.