सियासी उठापटक के बीच राजस्थान सरकार ने विभिन्न सेक्टर्स को बड़ी राहत

राज्य सरकार द्वारा राजस्थान नगरीय क्षेत्र भवन विनियम 2020 के अन्तर्गत आवश्यक संशोधन कर निरोगी राजस्थान बनाने के लिए चिकित्सा सुविधाओं के विकास, कृषि प्रसंस्करण उद्योग, उद्योग ईकाइ, वेयर हाउसिंग, गोदाम उपयोग एवं अन्य संरचनात्मक सुविधाओं के विकास के लिए अनेको छूट प्रदान की है. 

सियासी उठापटक के बीच राजस्थान सरकार ने विभिन्न सेक्टर्स को बड़ी राहत
फाइल फोटो

रोशन शर्मा, जयपुर: राज्य सरकार द्वारा राजस्थान नगरीय क्षेत्र भवन विनियम 2020 के अन्तर्गत आवश्यक संशोधन कर निरोगी राजस्थान बनाने के लिए चिकित्सा सुविधाओं के विकास, कृषि प्रसंस्करण उद्योग, उद्योग ईकाइ, वेयर हाउसिंग, गोदाम उपयोग एवं अन्य संरचनात्मक सुविधाओं के विकास के लिए अनेको छूट प्रदान की है. इस संबंध में नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया. जिसमें प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास विभाग भास्कर ए. सावंत, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग भवानी सिंह देथा तथा मुख्य नगर नियोजक आर. के. विजयवर्गीय सहित अनेकों अधिकारी उपस्थित थे. बैठक में राजस्थान नगरीय क्षेत्र में भवन विनियम 2020 के प्रारूप को गहन विचार-विमर्श पश्चात् मंजूरी दी गई.

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नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि निरोगी राजस्थान बनाने के लिए मेडिकल फैसिलिटी विस्तार के लिए प्रस्तावित भवन निर्माण में वर्तमान अनुज्ञेय बी.ए.आर. 2 को बढ़ाते हुए बी.ए.आर. 3 किया गया है, ऐसे भवनों में पार्किंग प्रावधानों में भी षिथिलता प्रदत्त की गयी है. जिससे निजि क्षेत्र की मेडिकल फैसिलिटीज का विस्तार हो सकेगा व आमजन को चिकित्सा सुविधाऐं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी. उन्होनें बताया कि भविष्य में वेयर हाऊस/गोदाम के उपयोग को वाणिज्यिक के स्थान पर औद्योगिक उपयोग में माना जायेगा। वेयर हाऊस/गोदाम प्रयोजन को सामान्य एवं कृषि आधारित वेयर हाउस/गोदाम दो भागों में विभक्त किया गया है. सामान्य वेयर हाऊस/गोदाम प्रयोजन में औद्योगिक उपयोग अनुसार लीज राषि, भवन मानचित्र अनुमोदन फीस और भू-रूपान्तरण शुल्क लिए जावेंगे. जिससे नगरीय निकाय स्तर पर लगने वाले विभिन्न शुल्कों में षिथिलता प्रदत्त होने से ऐसे प्रयोजन का विकास तीव्र होगा.

नगरीय विकास विभाग नें भवन विनियम 2020 के साथ वेयर हाउस पॉलिसी को लेकर भी प्राथमिकता से लिया गया धारीवाल ने कहा कि कृषि आधारित वेयर हाऊस प्रयोजन को बढ़ावा देने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे. इसे देखते हुए कृषि आधारित वेयर हाऊस/गोदाम में भू-रूपान्तरण शुल्क एवं लीज राषि में शत-प्रतिषत छूट दी जायेगी. कृषि आधारित वेयर हाउस/गोदाम हेतु राजकीय भूमि का आवंटन आरक्षित दर का 50 प्रतिशत कीमत पर किया जा सकेगा. जिससे कृषि आधारित वेयर हाउस के निर्माण में गति आयेगी, कृषि आधारित वेयर हाउस प्रयोजन को बढ़ावा मिलेगा।राज्य सरकार द्वारा भूखण्डों के भू-उपयोग निर्धारण में आ रही कठिनाईयों के निराकरण के लिए मास्टर प्लान में मुख्य सड़को के सहारे प्रस्तावित मिश्रित/व्यवसायिक उपयोग के साथ किसी भूखण्ड पर यदि अन्य उपयोग भी दर्शित है तो ऐसे भूखण्डों में एक निर्धारित अनुपात में मिश्रित/व्यवसायिक उपयोग तथा अन्य उपयोग अनुज्ञेय किया गया है. 

इसी प्रकार स्वनियोजित व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए मास्टर प्लान में मुख्य सड़को के सहारे प्रस्तावित मिश्रित/व्यवसायिक उपयोग की भू-पट्टी की चौडाई का उल्लेख मास्टर प्लान में नहीं होने से उक्त भू-पट्टी जहां भी प्रस्तावित है उन भूखण्डों पर भूखण्डों के सामने उपलब्ध सडक की चौडाई को डेढ गुना अथवा एकल भूखण्ड की गहराई तक, जो भी कम हो तक भूखण्ड को मिश्रित/व्यवसायिक प्रयोजन हेतु उपयोग में लेने की छूट प्रदत्त की गई है.

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