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राजस्थान: सरकार ने दिए 10 हजार एलडीसी के नौकरी के आदेश, एसएसआर की भी उम्मीदें बढ़ी

वसुंधरा सरकार ने इस भर्ती को प्रशासनिक कारणों से निरस्त कर दिया. इसके बाद हजारों अभ्यर्थियों को उम्मीदें थी कि उन्हें दुबारा नौकरी के मौके मिलेंगे

राजस्थान: सरकार ने दिए 10 हजार एलडीसी के नौकरी के आदेश, एसएसआर की भी उम्मीदें बढ़ी
सरकार ने 6 साल से अटकी पंचायतीराज एलडीसी भर्ती का पैच कुछ दिनों में सुलझा दिया

आशीष चौहान/जयपुर: राजस्थान में अशोक गहलोत ने सत्ता संभालने के साथ ही बेरोजगारों को राहत देने का काम किया. 6 साल से अटकी पंचायतीराज एलडीसी भर्ती का पैच कुछ दिनों में सुलझा दिया, लेकिन अभी भी हजारों बेरोजगारों को रोजगार का इतंजार है. पिछली सरकार में एलडीसी भर्ती के साथ निकली अधीनस्थ सेवा के लिए भी नौकरियां निकाली गई थी, उसके बाद दस्तावेज सत्यापन भी हुए और हजारों बेरोजगारों की नौकरी लगने ही वाली थी कि मामला कोर्ट में चला गया. हाईकोर्ट के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया, जिसके बाद कोर्ट ने बोनस अंकों के साथ ज्वाईनिंग के आदेश जारी कर दिए.

पिछली वसुंधरा सरकार ने इस भर्ती को प्रशासनिक कारणों से विड्रॉ कर दिया था. इसके बाद हजारों अभ्यर्थियों को उम्मीदें थी कि उन्हें नौकरी मिलेगी. लेकिन उनकी सारी उम्मीदे खत्म हो गई, लेकिन एक बार फिर से अशोक गहलोत सरकार आई तो लगा कि भविष्य इस बार सुधर जाएगा. नियुक्तियों को लेकर सरकार में मंत्रियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द इन भर्तियों का रास्ता भी साफ किया जाएगा. अब बेरोजगारों की सरकार से उम्मीदें और बढ़ गई है.

राजस्थान बेरोजगार छात्रसंघ रितेश वर्मा का कहना है कि अटकी भर्तियों को लेकर गहलोत सरकार से उम्मीदें इसलिए बढ़ गई है क्योंकि उन्होने पंचायतीराज एलडीसी की नियुक्तियों का रास्ता साफ कर दिया. ऐसे में एसएसआर की अटकी भर्तियों का रास्ता भी सरकार खोले, ताकि जल्द से जल्द हजारों बेरोजगारों का भविष्य संवर सके.

लेकिन 2013 में बीजेपी सरकार ने कार्मिकों को और अधिक लाभ देने के लिए 10 प्रतिशत हर साल बोनस अंक देने की घोषणा की, पर घोषणा के बाद फ्रेशर ने हाईकोर्ट में बोनस अंकों के विरोध में एसएलपी लगाई जिसके बाद हाईकोर्ट ने बोनस अंकों को आधा कर दिया. इससे भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों को झटका लगा तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी लगाई. जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया कि कार्मिकों को 10 प्रतिशत बोनस अंक ही दिए जाएं. जब से अब तक बेरोजगारों को रोजगार का इतंजार काफी हद तक सता रहा है.