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पीएम आवास योजना को लेकर एक्शन में राजस्थान सरकार, अफसरों पर गिरेगी गाज

15 अप्रैल तक पीएम आवास योजना के अंतगर्त सभी आवासों का निर्माण करना था, लेकिन अभी तक भी 73 हजार से ज्यादा आवास ऐसे है जिनका निर्माण पूरा नहीं हुआ है. 

पीएम आवास योजना को लेकर एक्शन में राजस्थान सरकार, अफसरों पर गिरेगी गाज
प्रदेश में अब तक 6 लाख 52 हजार 736 आवासों का निर्माण करना था

जयपुर: प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना ग्रामीण में एक बार फिर अधिकारियों की लापरवाही भारी पडती दिखाई दे रही है. पीएम आवास योजना के जरिए गरीब परिवारों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है. इसको लेकर ग्रामीण विकास विभाग अब एक्शन मोड में आ गया है. विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि यदि 31 मई तक 95 फीसदी से कम प्रगति होती है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.

प्रदेश में एक बार फिर से सपनों के आशियाने टूटता हुआ दिखाई दे रहा है. राजस्थान के कई जिले ऐसे है जहां ये सपने चकनाचूर हो रहे है. बार बार अधिकारियों को निर्देश दिए जाने के बावजूद भी अधिकारी अपनी सीट से टस से मस नहीं हो रहे. 15 अप्रैल तक पीएम आवास योजना के अंतगर्त सभी आवासों का निर्माण करना था, लेकिन अभी तक भी 73 हजार से ज्यादा आवास ऐसे है जिनका निर्माण पूरा नहीं हुआ है. 

हैरानी की बात ये है कि प्रदेश के आधे से ज्यादा जिलों का हाल कुछ ऐसा ही है. इसको लेकर मुख्य सचिव ने भी निर्देश दिए है कि यदि 31 मई तक 95 फीसदी आवासों का निर्माण नहीं हुआ तो सबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी. लापरवाही के कारण भीषण गर्मी में हजारों परिवार अभी भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर है.

प्रदेश में अब तक 6 लाख 52 हजार 736 आवासों का निर्माण करना था, लेकिन अभी तक 6 लाख 12 हजार 759 आवासों का निर्माण ही हो पाया है. अभी भी 73 हजार 650 लोग ऐसे है जिन्हे अपने सपनों का आशियाना नहीं मिल पाया है. अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए जा रहे है, लेकिन इसके बावजूद भी अधिकारी आवास निर्माण की रफ्तार नहीं पकड पा रहे है.

जबकि ऐसे भी कई जिले है जिन्होने पीएम आवास योजना में अच्छा काम किया. जिसमें सबसे उपर बाडमेर, श्रीगंगानगर, नागौर और हनुमानगढ, उदयपुर आता है. इन पांचों जिलो ने तय समय पर 100 फीसदी लक्ष्य पूरा कर लिया है. ऐसे में एक बार फिर से गरीब परिवारों की आस टूटती दिखाई दे रही है. हैरानी बात ये है कि तीसरी किश्ते जारी होने के बावजूद भी आवासों का निर्माण नहीं हो पा रहा.