राजस्थान के लोगों को लगा झटका, सरकार ने बढ़ाई बिजली की दरें

राजस्थान के लगभग एक करोड़ 40 लाख बिजली उपभोक्ताओं के राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में बिजली की नई दरें तय कर दी हैं. आयोग ने अलग-अलग कैटेगिरी के हिसाब से बिजली की दरें तय की है. 

राजस्थान के लोगों को लगा झटका, सरकार ने बढ़ाई बिजली की दरें
बढ़ी हुई दरें 1 फरवरी से लागू होंगी.

शशि मोहन/जयपुर: राजस्थान में बिजली की दरें बढ़ाने को मंजूरी मिल गई है. विद्युत नियामक आयोग की मंजूरी के बाद हुई तकरीबन 11 फीसदी की बढ़ी हुई दरें 1 फरवरी से लागू होंगी. उपभोक्ताओं को अगले बिल में नई दरों के मुताबिक भुगतान करना होगा. प्रदेश में इस बार बिजली की दरों में बढ़ोतरी तीन साल पांच महीने बाद हुई है. विद्युत नियामक आयोग का कहना है कि इस बढ़ोतरी का भार पचास फीसदी उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा. इस बार की टेरिफ दरों में आयोग ने बड़े उद्योंगो को बिजली की खपत रात की पारी में बढ़ाने पर छूट देने के प्रावधान भी किये हैं. इस टैरिफ के बाद अलग-अलग कैटेगिरी की सब्सिडी के चलते सरकार पर तकरीबन तेईस सौ करोड़ रुपए का आर्थिक भार आएगा.

राजस्थान के लगभग एक करोड़ 40 लाख बिजली उपभोक्ताओं के राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में बिजली की नई दरें तय कर दी हैं. आयोग ने अलग-अलग कैटेगिरी के हिसाब से बिजली की दरें तय की है. आयोग के अध्यक्ष श्रीमत पाण्डेय ने बताया कि प्रदेश में एक करोड़ चालीस लाख बिजली उपभोक्ता हैं. इनमें से तकरीबन पचास फीसदी इस बढ़ोत्तरी के दायरे से बाहर रहेंगे. पाण्डेय ने बताया कि बीपीएल कैटेगिरी के साथ ही आस्था कार्ड धारक और किसानों पर टैरिफ बढ़ोत्तरी का भार नहीं पड़ेगा. हालांकि यह बात अलग है कि आयोग ने एग्रीकल्चर की बिजली की दरें बढ़ाई हैं. इस कैटेगिरी में बढ़ी हुई दरों का भार सरकार ही वहन करेगी.

राजस्थान विद्युत नियामक आयोग ने अलग-अलग कैटेगिरी के हिसाब से टैरिफ तय किया है. साथ ही, इसमें बिजली कम्पनियों पर छीजत रोकने के मामले में भी सख्ती दिखाई है. आयोग ने कहा कि बिजली कम्पनियों के टी एण्ड डी घाटे 15 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकते. अगर ऐसा हुआ तो उसका खर्चा बिजली कम्पनियों को ही भुगतना होगा. आयोग ने ऐसा इसलिए किया, जिससे छीजत का भार उपभोक्ता पर नहीं पड़े. 

इसके अलावा नियामक आयोग ने कृषि की दरों में भी बढोतरी की है. जिसमें ब्लॉक हावर में सप्लाई होने वाले स्थानों पर अब 80 पैसे प्रतियूनिट की बढोतरी की गई है. वहीं, फिक्स चार्ज 15 रूपए प्रति एचपी से बढाकर तीस कर दिया है. ब्लॉक हॉवर से ज्यादा बिजली लेने वाले किसानों को 1.05 पैसे की बढोतरी की गई है. फिक्स चार्ज में तीस रू एचपी से बढाकर साठ रूपए प्रति एचपी किया गया है. इसके अलावा ..फ्लैट और बिना मीटर वाले कृषि कनेक्शनों में 90 रूपए की बढ़ोतरी की गई है. वहीं ब्लॉक हॉवर से ज्यादा बिजली लेने वाले किसानों, पर 130 रुपए प्रति एचपी बढाया है. फिक्स चार्ज तीस से बढ़ाकर कर साठ रूपए प्रति एचपी किया गया है.

साल 2000 में बिजली कम्पनियों की स्थापना हुई थी उसके बाद से अब तक आठ बार बिजली की दरों में बढोतरी हो चुकी है. इस बढोतरी से डिस्कॉम्स को हर महीने तकरीबन चार सौ करोड़ रुपए की अतिरिक्त आर्थिक मदद मिलेगी.