सांभर झील के संरक्षण को लेकर राजस्थान सरकार गंभीर, दिए गए हैं ये निर्देश

मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने झील के एनुअल मैनेजमैंट प्लान पर भी विस्तार से चर्चा की.

सांभर झील के संरक्षण को लेकर राजस्थान सरकार गंभीर, दिए गए हैं ये निर्देश
मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने झील के एनुअल मैनेजमैंट प्लान पर भी विस्तार से चर्चा की.

विष्णु शर्मा, जयपुर: राज्य सरकार विश्व प्रसिद्ध सांभर झील के संरक्षण को लेकर गंभीर है. सांभर झील के इर्द-गिर्द हो रहे अवैध नमक खनन और अन्य गतिविधियों को लेकर चिंतित है. मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने  झील से सम्बंधित द्वितीय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक लेकर अवैध खनन व गतिविधियों को हटाने के निर्देश दिए. 

मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान नागौर और अजमेर जिला कलेक्टर से वीसी के जरिए संवाद किया. उन्होंने दोनों कलेक्टर को झील के आसपास से अवैध बिजली कनेक्शन तुरन्त प्रभाव से हटवाने के निर्देश दिए. साथ ही मुख्य सचिव ने अजमेर एवं नागौर जिला कलेक्टर से से सांभर झील की वर्तमान स्थिति की समीक्षा भी की.  

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बैठक में वन विभाग की प्रमुख सचिव श्रेया गुहा, प्रमुख सचिव पयर्टन आलोक गुप्ता, उद्योग विभाग की आयुक्त अर्चना सिंह, पशुपालन विभाग के सचिव डॉ. राजेश शर्मा  सचिव वन विभाग बी.प्रवीण, स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक  दीपक नंदी जयपुर कलेक्टर अतर सिंह नेहरा, मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता रवि सोलंकी सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.

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- मुख्य सचिव ने अवैध नमक खनन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पाइप लाइनें, सबमर्सीबल पम्प सैटों को जप्त करने के लिए बिजली एवं पुलिस विभाग के समन्वय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
-  सांभर झील के क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को लेकर चिन्ता जताते हुए झील का विस्तृत नक्शा तैयार करने के लिए कहा.
- मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने झील के एनुअल मैनेजमैंट प्लान पर भी विस्तार से चर्चा की.
- सीएस ने अधिकारियों से कहा कि सांभर झील के संरक्षण और प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए नगरपालिकाओं और ग्राम पंचायतों को भी जागरूक करने की जरूरत बताई.
-  मुख्य सचिव ने झील के कैचमेंट एरिया में पहुंचने वाले वर्षा जल के मार्ग में हो रहे अतिक्रमणों और अन्य बाधाओं को तुरन्त दूर करने के निर्देश भी दिए.