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राजस्थान: पुलिस को लेकर चिंता में सरकार, सिस्टम ठीक करने के लिए तैयार किया ये फॉर्मुला

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान की पुलिस को देश में नंबर वन बनाना चाहते हैं. लिहाजा उन्होंने कई कड़े फैसले लेने का मन बनाया है. 

राजस्थान: पुलिस को लेकर चिंता में सरकार, सिस्टम ठीक करने के लिए तैयार किया ये फॉर्मुला
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान में सरकार चाहे किसी भी पार्टी की रही हो कानून-व्यवस्था एक बड़ा मसला रहा है. इस बार भी कांग्रेस सरकार के 6 महीने के कार्यकाल में ही कानून व्यवस्था को लेकर कई तरह के सवाल उठे हैं. चिकित्सा, कृषि और शिक्षा सहित कई विभागों में बेहतर कामकाज होने के बाद भी राजस्थान सरकार पर हमला करने का मौका भाजपा को मिल रहा है. जाहिर है मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पुलिस के काम करने के तरीके को लेकर बेहद चिंतित हैं. 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान की पुलिस को देश में नंबर वन बनाना चाहते हैं. लिहाजा उन्होंने कई कड़े फैसले लेने का मन बनाया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में अपराधियों को संरक्षण देने वाले और भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिस अधिकारियों को घर बिठाने यानी अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का फार्मूला तैयार किया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान के गृहमंत्री भी हैं और उन्होंने डीजीपी को साफ निर्देश दिए हैं कि राजस्थान पुलिस में निकम्मे और नाकारा पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया जाए. जो अधिकारी लंबे समय से अपराधियों के साथ गठजोड़ कर रहे हैं उनको अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिलाई जाए.

मुख्यमंत्री के सख्त रवैया के बाद पुलिस मुख्यालय में इन दिनों हलचल नजर आ रही है. डीजीपी भूपेंद्र यादव के निर्देशों के बाद क्राइम ब्रांच ऐसे पुलिसकर्मियों की लिस्ट तैयार करने में जुटा है जिनका पुलिस रिकॉर्ड सही नहीं है. इसके अलावा जिन पुलिसकर्मियों को सेवा में 20 साल से अधिक का समय हो गया है उन सभी के व्यवहार का भी रिव्यू करवाया जा रहा है. विभाग में किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है तो उसे अब जल्द से जल्द निपटाने का प्रयास किया जा रहा है. क्राइम ब्रांच के हेड एडीजी बीएल सोनी का कहना है कि समीक्षा के दौरान जिन पुलिसकर्मियों या पुलिस अधिकारियों का कार्य ठीक नहीं है उन्हें प्रावधान के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जायेगी. 

पिछले कुछ सालों के एसीबी ट्रैप के आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान में एसीबी की कार्रवाई के मामले में राजस्थान पुलिस टॉप 3 में नजर आती है. पुलिस थानों में घूसखोरी और परिवारजनों के साथ सही व्यवहार नहीं होने के मामले राजस्थान में आम हो चुके हैं इसलिए कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का यह फैसला पुलिस सिस्टम को ठीक करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है.