जयपुर: निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट के फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी राजस्थान सरकार

मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भी कहा है राजस्थान सरकार के मंत्री विधायक और विपक्ष के नेता भी 31 अक्टूबर तक चुनाव करवाने के पक्ष में नहीं हैं. 

जयपुर: निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट के फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी राजस्थान सरकार
गहलोत सरकार हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी.

जयपुर: राजस्थान में 31 अक्टूबर तक निकाय चुनाव करवाने के हाईकोर्ट के फैसले को राजस्थान सरकार अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आज पीसीसी में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा वर्तमान कोरोना काल में निकाय चुनाव कराना मुनासिब नहीं है. हमने हाई कोर्ट से आग्रह किया था लेकिन अब सरकार के स्तर पर सहमति बनी है कि हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी. 

बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस मुद्दे को लेकर चर्चा हुई. मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भी कहा है राजस्थान सरकार के मंत्री विधायक और विपक्ष के नेता भी 31 अक्टूबर तक चुनाव करवाने के पक्ष में नहीं हैं. सभी ने सरकार से आग्रह किया है कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट जाए.

बता दें कि, राजस्थान हाइकोर्ट (Rajasthan High Court) ने चुनाव कराने की समय सीमा बढ़ाने से इनकार करते हुए इस संबंध में अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार की ओर से पेश प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है.

मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महान्ति और न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है. अदालत ने कहा कि जब कोरोना (Corona) काल में बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhansabha Chunav 2020) और प्रदेश में पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav 2020) कराए जा रहे हैं तो 6 नगर निगमों के चुनाव कराने में क्या समस्या हो सकती है.

दरअसल, राजस्थान सरकार की ओर से प्रार्थना पत्र दायर कर कहा गया की प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते फिलहाल चुनाव करना संभव नहीं है. हाईकोर्ट ने गत 18 मार्च को आदेश जारी कर इन छह नगर निगमों के चुनाव 17 अप्रैल से आगामी छह सप्ताह के लिए स्थगित कर दिए थे.

वहीं, अदालत द्वारा 28 अप्रैल को इस अवधि को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया गया था. इसके बाद हाईकोर्ट ने गत 22 जुलाई को सरकार के प्रार्थना पत्र पर एक बार फिर सुनवाई करते हुए चुनाव कराने की तिथि को बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दिया था. प्रार्थना पत्र में कहा गया कि फिलहाल कोरोना संक्रमण समाप्त नहीं हुआ है. रोजाना सैकड़ों मरीज मिल रहे हैं. ऐसे में महामारी के चलते चुनाव कराए जाने संभव नहीं है. इसलिए चुनाव कराने की अवधि को 31 मार्च, 2021 तक बढ़ाया जाए.

इधर, निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया की वैसे तो आयोग चुनाव कराने को तैयार है, लेकिन फिर भी इसकी तैयारी के लिए 15 नवंबर तक का समय दिया जाए. दोनों पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है.