राजस्थान सरकार करेगी निर्यातकों का सम्मान, 7 दिसंबर तक मांगे आवेदन

राजस्थान सरकार प्रदेश के निर्यात कारोबार को वर्ष 2022 तक बढ़ाकर 65 हजार करोड़ रुपये करने का लक्ष्य तय किया गया है.

राजस्थान सरकार करेगी निर्यातकों का सम्मान, 7 दिसंबर तक मांगे आवेदन
राजस्थान सरकार वर्तमान में नई औद्योगिक नीति, रिप्स, सिंगल विंडो सिस्टम पर भी काम कर रही है.

जयपुर: प्रदेश के निर्यात कारोबार (Export Business) को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान सरकार उनके हुनर का सम्मान करेगी. इसके लिए निर्यातकों को पुरस्कृत किया जाएगा. उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा (Parsadi Lal Meena) ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न सेक्टर के निर्यातकों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए. 

इसके पीछे मकसद प्रदेश के निर्यातकों का हौसला बढ़ाना है. प्रदेश सरकार ने हाल ही में निर्यातकों की सुविधाओं के लिए परिषदों का गठन भी किया है.

16 श्रेणी में दिए जाएंगे 32 निर्यात पुरस्कार
राजस्थान सरकार प्रदेश के निर्यात कारोबार को वर्ष 2022 तक बढ़ाकर 65 हजार करोड़ रुपये करने का लक्ष्य तय किया गया है. वर्तमान में 45 हजार करोड़ रुपये का कारोबार है, इसके लिए विभिन्न नीतिगत और प्रोत्साहन कदमों की तैयारी है. इसी सिलसिले में प्रदेश के निर्यात कारोबारियों को प्रोत्साहित करने के लिए निर्यातकों के सम्मान की तैयारी है. एसीएस उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल का कहना है कि 16 कैटेगिरी में आवेदन मांगे गए हैं, इसमें सभी तरह के निर्यात कारोबारियों, उद्यमों, क्षेत्रों और समूहों को पुरस्कृत किया जाएगा. आवेदक सात दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं.

45 हजार करोड़ का निर्यात कारोबार
उद्योग आयुक्त मुक्तानंद अग्रवाल का कहना है कि प्रदेश में ज्वैलरी, हैंडीक्राफ्ट, गारमेंट्स, लैदर, कारपेट, स्टोन सहित कई सेक्टर में निर्यात कारोबारियों का वर्चस्व कायम है. इनका उत्पाद कौशल कारोबारी निखार बढ़ा रहा है, इसी के लिए राजस्थान सरकार भी समारोह आयोजित कर यह पुरस्कार वितिरित करेगी. गौरतलब है कि निर्यात ग्रोथ में सालाना 20 से 25 फीसदी तेजी की उम्मीद है.

निवेश में इजाफे की आस
यूएसए, हांगकांग, जर्मनी, यूएई, चीन, कोरिया, जापान, यूके और बांग्लादेश में प्रमुखता से प्रदेश से उत्पाद निर्यात किए जा रहे हैं. राजस्थान सरकार वर्तमान में नई औद्योगिक नीति, रिप्स, सिंगल विंडो सिस्टम पर भी काम कर रही है. सरकार की मंशा इसी तरह औद्योगिक जगत को मजबूती देने की रही तो नए निवेश की संभावनाओं को भी बल मिलेगा.