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राजस्थान सरकार लाएगी नई खेल नीति, भर्ती में खिलाड़ियों को मिलेगा 2 प्रतिशत आरक्षण

विधायकों ने प्रश्नकाल में खेलों के विकास को लेकर खेल स्टेडियम का भी मामला उठाया. 

राजस्थान सरकार लाएगी नई खेल नीति, भर्ती में खिलाड़ियों को मिलेगा 2 प्रतिशत आरक्षण
रोजगार के लिए नई खेल नीति बन रही है. (फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान खेल स्टेडियम निर्माण का मामला गूंजा. नदबई विधायक जोगेंद्र अवाना, विराटनगर विधायक इंद्राज गुर्जर और बहरोड विधायक बलजीत यादव ने प्रश्नकाल में खेलों के विकास को लेकर खेल स्टेडियम का मामला उठाया.

जिस पर मंत्री अशोक चांदना ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की वित्तीय स्थिति के चलते खेल स्टेडियम निर्माण नहीं करवाए जा सकते. भविष्य में बजट की उपलब्धता और गुण अवगुण के आधार पर सरकार खेलों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. हालांकि नदबई विधायक जोगेंद्र अवाना ने खेल स्टेडियम के अभाव में हो रही दुर्घटनाओं के सवाल पर चांदना ने कहा कि फिलहाल अस्थाई रूप से नरेगा के तहत खेल स्टेडियम का निर्माण करवाया जा सकता है. 

पंजाब हरियाणा में ज्यादा मिलती पुरस्कार राशि
वहीं, विधायक बलजीत यादव ने अंतर्राष्ट्रीय खिलाडियों को पुरस्कार राशि बढाने को लेकर सवाल पूछा. जिस पर मंत्री चांदना ने जवाब देते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाडियों को राजस्थान क्रीड़ा परिषद की ओर से सहायता राशि दी जाती है. इसके साथ ही पुरस्कार राशि बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पंजाब हरियाणा ऐसे राज्य हैं जहां पदक राशि राजस्थान से ज्यादा है. मैंने सीएम के सामने पुरस्कार राशि बढाने का प्रस्ताव रखा है. जिस पर विचार कर राशि बढ़ाई जाएगी. इसके साथ ही सीएम ने बजट में खिलाडियों को स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है. 

तहसील स्तर पर खेल स्टेडियम की कमीं
इसके साथ ही चांदना ने खेलों के विकास और युवाओं को रोजगार देने को लेकर कहा कि नई खेल नीति बन रही है. खिलाडियों को नौकरी देने के नियम में पहले अडचने आ रही थी. अब हर भर्ती में खिलाडियों का 2 प्रतिशत कोटा फिक्स होगा. जिसको लेकर जल्द ही आदेश जारी होंगे. जिससे खिलाडियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे. इसके साथ ही उन्होंने माना कि तहसील स्तर पर खेल स्टेडियमों की कमीं है. सभी के लिए खेल अनिवार्य हो इसके लिए भविष्य में बजट की उपलब्धता के आधार पर स्टेडियम बनाने का काम किया जाएगा.