राजस्थान: सरकार करेगी ऐसा काम कि पुरुष नहीं महिलाएं कहलाएंगी हेड ऑफ फैमिली

सामाजिक, आर्थिक और जाति आधारित जनगणना के तैयार डाटा से प्राप्त परिवारों की संख्या के अंतिम प्रकाशन के साथ ही राशन कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. 

राजस्थान: सरकार करेगी ऐसा काम कि पुरुष नहीं महिलाएं कहलाएंगी हेड ऑफ फैमिली
फोटो साभार- डीएनए

जयपुर: सदियों से चली आ रही परिवार की पारंपरिक व्यवस्था में अब घर के मुखिया के रूप में पुरूष की जगह घर की सबसे उम्रदराज महिला होगी. राशनकार्ड में मुखिया के रूप में महिलाओं का नाम दर्ज करने का अभियान जल्द शुरू होने वाला है. यह बदलाव केन्द्र सरकार द्वारा लागू राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अध्यादेश के तहत किए जा रहे हैं.

प्रदेश में करीब एक करोड़ नए सिरे से बनने वाला राशन कार्ड अब महिलाओं के नाम पर बनेंगे. राशन कार्ड में गृहस्थ मुखिया के तौर पर महिला का नाम दर्ज रहेगा. खास बात यह कि परिवार में अगर कोई महिला 18 वर्ष की आयु की नहीं होगी तो उस स्थिति में पुरुष सदस्य को गृहस्थ मुखिया बनाया जाएगा लेकिन जैसे ही उस निर्धारित आयु को परिवार की महिला सदस्य पार करेगी. राशन कार्ड की गृहस्थ मुखिया के रूप में उसका नाम दर्ज हो जाएगा.

सामाजिक, आर्थिक और जाति आधारित जनगणना के तैयार डाटा से प्राप्त परिवारों की संख्या के अंतिम प्रकाशन के साथ ही राशन कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. राशन कार्ड जिला स्तर पर तैयार किया जाएगा. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के आलोक में पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा. खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 13(1) एवं (2) में कहा गया है कि प्रत्येक परिवार में 18 वर्ष से कम आयु के महिला सदस्य की मौजूदगी में गृहस्थी का मुखिया पुरुष होगा जबकि महिला सदस्य के 18 वर्ष की आयु के होते ही राशन कार्ड की गृहस्थ मुखिया महिला बन जाएगी. यानि की राशन कार्ड की गृहस्थी मुखिया महिला बनाई जाएगी. इस संबंध में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव मुग्धा सिन्हा ने सभी जिला रसद अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. 

कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे के बाद फार्म भरवाएंगे. इस दौरान महिला मुखिया को अपना कोई पहचानपत्र देना होगा. इसके अलावा बैंक स्टेटमेंट की भी फोटोकॉपी फार्म के साथ लगानी होगी. महिला मुखिया के नाम से फॉर्म भरने के बाद घर के अन्य सदस्यों का विवरण दर्ज किया जाएगा. खाद्य सचिव मुग्धा सिन्हा ने बताया की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिनियम में उनके नाम से राशनकार्ड बनाए जाने की योजना तैयार की गई है. मुग्धा सिन्हा ने बताया की 2013 में बने राशनकार्ड की मियाद पांच साल की थी ऐसे में उनकी मियाद को कुछ दिन तक बढ़ाया गया था लेकिन अब नए सिरे से कार्ड बनेंगे तो पुराने राशनकार्ड कैंसिल हो जाएंगे.