राजस्थान: 50 हजार फर्जी किसानों पर सरकार की सख्ती, 10 हजार सरकारी कर्मचारी भी शिकंजे में

सरकारी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के पीछे सरकार ही मंशा यही है कि किसी भी सरकारी योजना का गलत लाभ सरकारी कर्मचारी भविष्य में ना उठा सके.

राजस्थान: 50 हजार फर्जी किसानों पर सरकार की सख्ती, 10 हजार सरकारी कर्मचारी भी शिकंजे में
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान में फर्जी किसानों पर गहलोत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रदेश में अल्पकालीन ऋणमाफी योजना में झूठा शपथ पत्र पेश करने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ शिकंसा कसा जाएगा. सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के पवन सभी विभागों को सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखेंगे. 

प्रदेश में पिछली सरकार में अल्पकालीन ऋण माफी योजना में 50 हजार फर्जी किसानों ने झूठा शपथ पत्र पेश कर योजना का लाभ लेने की कोशिश की थी. जिसमें 10 हजार सरकारी कर्मचारी भी शामिल थे. सरकार ने ऋणमाफी की अधिसूचना में साफ लिखा था कि इस योजना के लिए सरकारी कर्मचारी पात्र नहीं होंगे लेकिन इसके बावजूद भी सरकारी कर्मचारियों ने झूठा शपथ पत्र पेश कर योजना का लाभ उठाना चाहा. यदि 50 हजार फर्जी किसानों का ऋण माफ हो जाता तो सरकार को 125 करोड़ का फटका लगना तय था.

सरकारी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के पीछे सरकार ही मंशा यही है कि किसी भी सरकारी योजना का गलत लाभ सरकारी कर्मचारी भविष्य में ना उठा सके. यदि इन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी तो दूसरे कर्मचारियों की हिम्मत नहीं होगी. सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार नीरज के पवन का कहना है कि सहकारिता विभाग सभी विभागों को पत्र लिखकर ऐसे कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई कहेगा, जिन्होंने झूठा शपथ पत्र पेश कर योजना का लाभ उठाना चाहा.

हालांकि अब गहलोत सरकार ने पूरी ऋण माफी योजना को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे फर्जीवाड़ा होने की आशंका पूरी तरह से खत्म हो गई है. पिछली सरकार में हुए फर्जीवाड़े को देखते हुए ही ऋणमाफी योजना को बॉयोमैट्रिक सिस्टम से जोड़ा गया था. राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां ऋणमाफी योजना को ऑनलाइन किया गया है लेकिन पिछली योजना में फ्रॉड करने वाले सरकारी कर्मचारियों और अपात्र किसानों के खिलाफ कार्रवाई होगी.

इन जिलों में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा
ऋण माफी योजना 2018 में संभाग उदयपुर के जिला डूंगरपुर जिले के 1790 कार्मिकों के 512 लाख 6 हजार, जिला बांसवाड़ा के कार्य 2 लाख 4 हजार, भरतपुर संभाग के 338 लाख 45 हजार रुपये के माफी के आवेदन पोर्टल पर आए. बांसवाड़ा, डूंगरपुर, बारां, बाड़मेर, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, चूरू, दौसा, हनुमानगढ़, जयपुर, जालौर, झुंझुनूं, कोटा, नागौर, सीकर, सिरोही, श्रीगंगानगर जिलों में कर्मचारियों ने ऋण माफी का लाभ लेने का प्रयास किया.

अपात्र लोगों के खिलाफ सरकार सख्ती बरतते हुए कार्रवाई करेगी,जिससे की जो पात्र अन्नदाता है,उन्हें इस योजना का अधिक से अधिक लाभ मिल सके. जल्द ही नीरज के पवन सभी विभागों को पत्र लिखेंगे. जिसके बाद सरकारी कर्मचारियों पर सरकारी का शिकंजा कसा जा सकेगा.