close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: बारिश के पानी के संचय से बढ़ सकता है भूजल स्तर, जानिए इसके तरीके

पानी के संचय के लिए स्वायत्त शासन विभाग ने 2010 में यह योजना शुरू की थी कि शहरी क्षेत्र में 300 वर्गगज का मकान बनेगा तो उसमें वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का होना जरूरी होगा.

राजस्थान: बारिश के पानी के संचय से बढ़ सकता है भूजल स्तर, जानिए इसके तरीके
बारिश के पानी को आसानी से जमीन में रिचार्ज किया जा सकता है.

जयपुर: राजस्थान में अच्छी बारिश के बाद में पानी का सही मायन में संचय और रिचार्ज नहीं हो पा रहा है. इसके लिए सरकार तो अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन हमारे को बचाने के लिए आपकी और हमारी जिम्मेदारी भी बनती है कि पानी का सही उपयोग और संचय किया जाए. चलिए आपको बताते है कि यदि इस बार बारिश आए तो कैसे हम पानी का संचय कर भविष्य को सुरक्षित कर सकते है.

जल है तो कल है, लेकिन हमारा कल तभी सुरक्षित होगा, जब हमे खुद पहल करनी होगी. नहीं तो बिना पानी के ना तो हम होंगे और ना ही हमारा कल होगा. इसलिए मानसून में हो रही अच्छी बारिश के पानी को आप बहने ना दीजिए, बल्कि का उपयोग करिए. उसका रीचार्ज करे, ताकि आने वाले दिनों में पानी की किल्लत ना हो.

पानी के संचय के लिए स्वायत्त शासन विभाग ने 2010 में यह योजना शुरू की थी कि शहरी क्षेत्र में 300 वर्गगज का मकान बनेगा तो उसमें वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का होना जरूरी होगा. ये भी निगम लागू किए गए थे कि जब तक ये सिस्टम नहीं बनाया जाएगा, तब तक पानी और बिजली के कनेक्शन नहीं मिलेंगे. लेकिन सरकारी तंत्र भी इन नियमों की अवहेलना करते हुए मकान मालिकों को रेवडिया बांट रहे है.

ये कोई जरूरी नहीं कि 300 वर्गगज वाले मकान मालिक को ही ये सिस्टम लागू करना अनिर्वाय है. बल्कि इससे छोटे भूखंड वाले भी छत का पूरा पानी घर में टैंक बनाकर उसका उपयोग कर सकते है. यदि आप टैंक नहीं बनाना चाहते है कि पानी के रिचार्ज के लिए छत के पानी को जमीन के जाने का सिस्टम तैयार करे. इसमें ज्यादा खर्चा भी नहीं आता और आसानी से बारिश के पानी को जमीन में रिचार्ज किया जा सकता है.

गौरतलब है कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए राज्‍य जल नीति 2010 में लागू कर दी गई है. जल संरक्षण को बढावा देने के लिए राज्‍य के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में छत के वर्षा जल संरक्षण को प्रोत्‍साहित करना राजस्‍थान जल नीति 2010 में शामिल किया गया था. लेकिन इस नीति को मजबूती से लागू करना चाहिए, ताकि पानी को बचाया जा सके. इसके साथ साथ नगर निगम और जेडीए को भी पुराने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को चालू करने चाहिए जिससे सड़कों पर पानी ना भरे और जमीन में पानी का रिचार्ज भी हो सके. ऐसे में ग्राउंड वाटर लेवल ही जिम्मेदारी केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि हम सबकी है. इसलिए ये काम जनचेतना से ही संभव होगा, ऐसे में अबकी बार बारिश होती है तो हर संभव पानी के संचय का प्रयास करना चाहिए.ताकि हमारा कल सुरक्षित रह सके.