राजस्थान: सदन में गुलाबचंद कटारिया ने पूछे गहलोत से सवाल, CM ने दिए तीखे जवाब...

अशोक गहलोत ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के जवाब में सरकार की नीतियों और योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ केंद्र सरकार और राजस्थान के भाजपा नेताओं पर जमकर निशाना साधा.

राजस्थान: सदन में गुलाबचंद कटारिया ने पूछे गहलोत से सवाल, CM ने दिए तीखे जवाब...
अशोक गहलोत के खास निशाने पर रहे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के बीच तीखे शब्द बाणों का आदान-प्रदान देखने को मिला. गुलाबचंद कटारिया ने जहां राजस्थान में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. वहीं, जवाब में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनका कार्यकाल याद दिलाते हुए कहा कि वे केवल नाम के गृहमंत्री थे. हकीकत तो यह थी कि उनके पास एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी का तबादला करने का भी अधिकार नहीं था.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के जवाब में सरकार की नीतियों और योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ केंद्र सरकार और राजस्थान के भाजपा नेताओं पर जमकर निशाना साधा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खास निशाने पर रहे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया. 

दरअसल, गुलाबचंद कटारिया ने अपने संबोधन के दौरान प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए थे, जवाब में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जब वे गृह मंत्री थे, तब वह केवल पीएसयू में अधिकारियों को डिस्टर्ब करने के लिए ही मीटिंग लेने जाते थे. असल में गृहमंत्री के तौर पर उनके पास कोई पावर नहीं था, उन्हें कोई गृहमंत्री तक नहीं मानता था, स्थिति तो यहां तक थी कि उनके पास किसी एडिशनल एसपी का तबादला करने का भी अधिकार नहीं था,

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो बयान दिया है वह मुख्यमंत्री के स्तर का नहीं है, उनका अभिभाषण भी आज सरहिंद था उन्हें इस तरह की भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए, सच्चाई यह है कि राजस्थान में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है, केवल फ्री FIR करने से कानून व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं लगाया जा सकता है,

दरअसल, यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के बीच इस तरह का संवाद देखने को मिला हो. इससे पहले भी दोनों नेता अक्सर एक दूसरे से चुहल बाजी करते हुए नजर आते हैं. गुलाबचंद कटारिया ने जहां अपने तरकश से कानून व्यवस्था को लेकर जो तीर छोड़े थे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनको उन्हीं की भाषा में जवाब देकर एक तरीके से निरुत्तर कर दिया है.