राजस्थान: हनुमान को मिली भक्तों की टोली, 36 सालों से घर-घर जाकर कर रहे है सुंदरकांड

बीते 36 सालों में हर शनिवार को सुंदरकांड पाठ करने वाले महावीर मंडल ने अब तक 1905 सुंदरकांड पाठ किए है. जिनमें देश का लगभग हर कोना शामिल है और हर एक बड़े धार्मिक स्थल भी.

राजस्थान: हनुमान को मिली भक्तों की टोली, 36 सालों से घर-घर जाकर कर रहे है सुंदरकांड
महावीर मंडल ने अब तक 1905 सुंदरकांड पाठ किए है.

झुंझुनूं/ संदीप केड़िया: राजस्थान के झुंझुनूं के पिलानी कस्बे में संचालित महावीर मंडल की भक्ति 36 सालों से अटूट है और मंडल के लोग देश के कोने-कोने में जाकर रामभक्त हनुमान का गुणगान कर रहे हैं. वो भी बिना कोई पैसे लिए. पिलानी के महावीर मंडल को शेखावाटी में तो कम से कम हर कोई जानता है. इस मंडल की 36 साल पहले 1 जनवरी 1983 को व्यापारी कुरड़ाराम मनीरामका ने कुछ भक्तों के साथ मिलकर शुरुआत की थी. अब यह मंडल देश के कोने-कोने में जाकर सुंदरकांड का पाठ करता है और हनुमान का गुणगान करता है. 

इस साल के अंतिम शनिवार को सुंदरकांड पाठ का आयोजन पिलानी में किया गया. जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं और पुरुषों ने हिस्सा लिया. करीब चार घंटे तक चले इस संगीतमयी सुंदरकांड पाठ के आयोजन में सूरजगढ़ विधायक सुभाष पूनियां, चेयरमैन विजयकुमार हलवाई, भाजपा मंडल अध्यक्ष मुरली मनोहर शर्मा, बीईटी उप निदेशक वित्त केके पारीक, पंसस सूरजगढ़ पवन मावंडिया, अग्रवाल सम्मेलन के झुंझुनूं जिलाध्यक्ष श्यामसुंदर जालान नूआंवाले, शिक्षाविद् आदित्य सरावगी, चिड़ावा फागोत्सव समिति के अध्यक्ष अनुज भगेरिया, आशीष गाडाखेड़ा, अंकुर मोदी, पवन शर्मा, विजेंद्र गोयल, राहुल सुलतानिया आदि मौजूद थे. जिनका महावीर मंडल के नरेश मनीरामका, अनिल डाडा, बजरंगलाल वर्मा भाया, तरूण मनीरामका आदि ने स्वागत किया. इस मौके पर कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई जीवंत नृत्य नाटिकाओं को खूब सराहा गया. वहीं कई लोग तो भक्ति में भाव विभोर भी हो गए. 

वाघा बॉर्डर से लेकर जम्मू कश्मीर तक कर चुके है पाठ
बीते 36 सालों में हर शनिवार को सुंदरकांड पाठ करने वाले महावीर मंडल ने अब तक 1905 सुंदरकांड पाठ किए है. जिनमें देश का लगभग हर कोना शामिल है और हर एक बड़े धार्मिक स्थल भी. गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी पहले शनिवार को वैष्णो माता के दरबार में सुंदरकांड का पाठ होगा. इससे पूर्व मंडल ने पाकिस्तान बॉर्डर वाघा बॉर्डर, अमरनाथ, बूढा अमरनाथ, तनौट माता मंदिर, रामदेवरा मंदिर, करणी माता देशनोक, रतनगढ़ बालाजी, सालासार, खाटू, शाकंभरी, मनसा माता व तिरूपति बालाजी के अलावा जयपुर, दिल्ली, भिवानी, दादरी, हिसार सहित अन्य शहरों में हनुमान का गुणगान किया है.

विदेशों से भी ऑफर, पर वेटिंग लिस्ट बड़ी
मंडल के नरेश मनीरामका ने बताया कि उन्हें सुंदरकांड का पाठ करने के लिए विदेशों से भी ऑफर मिल रहे हैं. लेकिन वेटिंग लिस्ट बड़ी होने के कारण अभी विदेशों में जाने के लिए कदम नहीं उठाया जा रहा है. गत दिनों ही झुंझुनूं के एक धर्मप्रेमी ने दुबई में संगीतमयी सुंदरकांड पाठ का ऑफर किया है. लेकिन फिलहाल देश में ही वे ये काम कर रहे है. साथ ही उन्होंने बताया कि उनके यहां पर सुंदरकांड का पाठ करने की वेटिंग लिस्ट भी तीन साल तक एडवांस में रहती है. 

200 सदस्यों की टीम
महावीर मंडल में करीब 200 से अधिक धर्मप्रेमी स्वेच्छा से जुड़े हुए है. हर शनिवार को होने वाले सुंदरकांड पाठ में 50 लोगों की जरूरत होती है. जो नरेश मनीरामका के नेतृत्व में जाते है. सुंदरकांड पाठ में साज-बाज से लेकर नृत्य नाटिकाओं और हनुमान का दरबार सजाने तक का काम महावीर मंडल ही करता है और उसके लिए आयोजन करवाने वाले से एक रुपया भी नहीं लेता. बल्कि मंडल के कार्यकर्ता आयोजन करवाने वाले के पास का पानी तक भी नहीं पीते. साथ ही आरती और दरबार में चढ़ावे पर पूर्णतया पाबंदी है. मंडल के सभी सदस्य व्यापारी व दूसरे कामकाजी लोग हैं. जो एक पारंगत कलाकारों की तरह भक्ति भाव में डूबकर सुंदरकांड पाठ करते है.