राजस्थान: नाबालिग के साथ दुष्कर्म केस में HC ने ASP की भूमिका पर उठाया बड़ा सवाल...

अदालत ने डीजीपी को कहा है कि, जांच अधिकारी के निलंबन के बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए.

राजस्थान: नाबालिग के साथ दुष्कर्म केस में HC ने  ASP की भूमिका पर उठाया बड़ा सवाल...
अदालत ने पुलिस उपाधीक्षक को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए हैं.

महेश पारीक/जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने नाबालिग (Minor) से दुष्कर्म (Rape) के मामले में सह आरोपी को केस से निकालने पर, तिजारा पुलिस उपाधीक्षक कुशाल सिंह को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए हैं.

अदालत ने डीजीपी (DGP) को कहा है कि, जांच अधिकारी के निलंबन के बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए. न्यायाधीश एसपी शर्मा ने यह आदेश आरोपी मुनफैद की द्वितीय जमानत अर्जी को खारिज करते हुए दिए.

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा गया कि, पीड़िता ने अपने बयान में याचिकाकर्ता सहित एक अन्य तौफिक के खिलाफ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है. पुलिस मामले में उचित जांच नहीं कर रही है और सिर्फ याचिकाकर्ता को आरोपी बना रही है.

वहीं, राज्य सरकार की ओर से रिपोर्ट पेश कर बताया कि, पुलिस ने तौफिक को क्लीन चिट देते हुए एफआर पेश कर दी है. इस पर अदालत ने मामले में जांच अधिकारी को पेश होने के आदेश दिए. सुनवाई के दौरान तिजारा सीओ कुशाल सिंह अदालत में पेश हुए.

उन्होंने अदालत को बताया कि, तौफिक की मोबाइल लोकेशन हरियाणा के अलग-अलग जगहों की आ रही थी. इसलिए माना गया कि, वह मामले में शामिल नहीं था. इस पर कोर्ट ने कहा कि, पीड़िता ने अपने बयानों में तौफिक पर भी स्पष्ट आरोप लगाया है. इसके अलावा पीड़िता ने बयानों में अपनी उम्र 14 साल बताई है, लेकिन आईओ ने उसकी उम्र 19 साल मान ली.

अदालत ने माना कि, जांच अधिकारी आरोपी को बचाकर गंभीर अपराध कर रहे हैं. ऐसे में उन्हें तत्काल निलंबित करने के लिए डीजीपी को आदेश भेजा जा रहा है. गौरतलब है कि, अलवर के खुशखेड़ा थाना इलाके से गत वर्ष नाबालिग पीड़िता का अपहरण और दुष्कर्म करने को लेकर मामला दर्ज किया गया था.