कोरोना मरीजों की सेवा में लगे डॉक्टर-मेडिकल स्टाफ के लिए राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला

डॉ. शर्मा ने कहा कि जहां पॉजिटिव केस सामने आए हैं, वहां कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का काम गंभीर हो गया है. 

कोरोना मरीजों की सेवा में लगे डॉक्टर-मेडिकल स्टाफ के लिए राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Raghu Sharma) ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की सेवा में लगे चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ को संक्रमण से मुक्त रखने के प्रति सरकार गंभीर है. कोरोना से बचाव के लिए हाइड्रोसीक्लोरोक्वीन सहित अन्य दवा पर्याप्त मात्रा में अधिग्रहित कर ली गई है. 

डॉ. शर्मा ने कहा कि मेडिकल स्टाफ को संक्रमण से बचाने के लिए विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों पर कार्यवाही की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सकों, मेडिकल स्टाफ, नर्सिंगकर्मियों, ड्राइवरों को कोरोना से संक्रमण मुक्त रखने का हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि वे बेफिक्र होकर कोरोना प्रभावित मरीजों की सेवा कर सकें.

राज्य में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 93 पहुंची
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि दोपहर 3 बजे तक राजस्थान में 24 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं. राज्य में कुल पॉजिटिव की संख्या 93 हो गई है. उन्होंने कहा कि 14 पॉजिटिव मरीजों को हम पॉजिटिव से नेगेटिव में बदलने में कामयाब रहे हैं. उसमें से 4 की छुट्टी दे दी है जबकि 10 चिकित्सकों की निगरानी में रहेंगे. उन्होंने बताया कि 31 मार्च को जयपुर से 9, जोधपुर, झुंझुनूं, डूंगरपुर, अजमेर, अलवर से 1-1, जैसलमेर से 3 और जोधपुर से 7 (इक्वेक्यूएट यात्री) पॉजिटिव पाए गए हैं. 

95 हजार क्वारेंटाइन बेड चिन्हित
कित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा 1 लाख क्वारेंटाइन बेड बनाने के निर्देश प्राप्त हुए थे. आदिनांक तक 95 हजार क्वारेंटाइन बेड चिन्हित कर लिए गए हैं. इसके अलावा आइसोलेशन के 16000 बेड पूरे प्रदेश में उपलब्ध हैं. उन्होंने बताया कि चिकित्सा विभाग की 27 हजार से ज्यादा टीमें पिछले दिनों से एक्टिव सर्विलांस का काम कर रही हैं. टीमों ने प्रदेश भर में 78 लाख 50 हजार परिवारों के 3 करोड़ 26 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर ली है. 

कम्युनिटी स्प्रेड से बचाने के लिए स्क्रीनिंग में गति लाई जाएगी
डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि पड़ोसी राज्यों और देशों से भारी संख्या में अपने-अपने गांवों और शहरों में में आए हैं, जो कि हमारे लिए सबसे बड़ी चिंता की बात है. ऐसे में एक्टिव सर्विलांस और स्क्रीनिंग का काम तेज गति से करने का लक्ष्य दो-तीन दिन में करने का रखा है. उन्होंने कहा कि हालांकि आने वाले सभी लोगों की स्क्रीनिंग का काम विभाग की टीमों ने किया है लेकिन जो लोग नए आ रहे हैं, उनकी स्क्रीनिंग, लक्षण मिलने पर सैंपलिंग और समयबद्ध तरीके से उनकी जांच हो जाए तो ताकि राज्य को कम्युनिटी स्प्रेडिंग के खतरे से बचा पाएं.

चिकित्सा सामग्री के लिए धन की कोई कमी नहीं
डॉ. शर्मा ने कहा कि विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में वेंटीलेटर्स हैं. आरएमएससीएल को मांग के अनुसार वेंटिलेटर्स खरीदने के आदेश दे दिए हैं. किसी भी तरह की खरीद के लिए धन की कोई कमी नहीं है. पीपीई किट, एन-95 मास्क, हैंड सैनेटाइजर और ट्रिपल लेयर मास्क की कोई कमी नहीं है. 

भीलवाड़ा में एक-एक व्यक्ति की कर चुके कई बार स्क्रीनिंग
उन्होंने कहा कि चिकित्सक कोराना से लड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. भीलवाड़ा में प्रशासन और चिकित्सकों के प्रयासों से कोरोना महामारी बनने से रूका है. वहां जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग की रैपिड रेस्पॉन्स टीमें, चिकित्सा विभाग के दल बेहतरीन काम कर रहे हैं. भीलवाड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में 2000 और शहरी क्षेत्रों में 332 लोगों की टीम शहर में जाकर लोगों को 2-2, 3-3 बार स्क्रीन कर चुकी है. उन्होंने बताया कि एक्टिव सर्विलांस टीम द्वारा 28 लाख लोगों की अब तक स्क्रीनिंग की जा चुकी है. तभी स्थिति थोड़ी नियंत्रित होती दिख रही है. 

1600 से ज्यादा लोगों की हुई ट्रेसिंग  
डॉ. शर्मा ने कहा कि जहां पॉजिटिव केस सामने आए हैं, वहां कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का काम गंभीर हो गया है. उनके संपर्कों को तलाशने का काम जारी है. अभी तक 1600 लोगों को कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के दायरे में लाया गया है, लेकिन अब यह संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि जितने नए लोगों के संपर्क में मरीज आए होंगे, उनकी भी ट्रेसिंग करवाई जाएगी. 

कोरोना जांच की प्रदेश में कमी नहीं
डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्य में जांच की सुविधा पर्याप्त मात्रा में मौजूद है. एसएमएस अस्पताल में वर्तमान में 300 से 400 जांचें प्रतिदिन हो रही है. यहां 1300 से 1500 जांचे की जा सकती है. साथ ही महात्मा गांधी अस्पताल की लैब में भी 500 से 1000 लोगों की जांच की सुविधा मिल सकती है. इसके लिए आईसीएमआर को लिखा जा चुका है. उन्होंने कहा कम्युनिटी स्प्रेड राज्य में फैले नहीं, इसके लिए सरकार चिंतित है और इसके लिए समयबद्ध तरीके से काम भी कर रही है.