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राजस्थान: तस्करों पर शिकंजा कसने की तैयारी में खुफिया विभाग, करेगा विशेष ऑपरेशन

एजेंसी के अनुसार तीन साल में भारत में 580 टन सोने की अवैध तरीके की स्मगलिंग की गई जिसका मूल्य लगभग 1.65 लाख करोड़ रुपए है

राजस्थान: तस्करों पर शिकंजा कसने की तैयारी में खुफिया विभाग, करेगा विशेष ऑपरेशन
आयकर विभाग सहित केंद्रीय खुफिया सूचना एंजेसिंयों के साथ मिलकर विशेष ऑपरेशन चलाने की तैयारी में है

अंकित तिवाड़ी/जयपुर: एयरपोर्ट अंतराष्ट्रीय सोना तस्करों की निगाहों में है. पंजाब, गुजरात, मध्यप्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सहित उत्तर भारत में गोल्ड स्मगलिंग के लिए इंटरनेशल स्मगलर्स जयपुर एयरपोर्ट को जरिया बना रहे हैं. जयपुर एयरपोर्ट पर तैनात कस्टम विभाग की एयरइंटेलीजेंस यूनिट लगातार तस्करी के मामलों का खुलासा कर रही है लेकिन तस्करी के आका पकड़ से बाहर हैं. अब डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यु इंटेलिजेंस यानी डीआरआई खास प्लान बना कर इन तस्करों को शिकंजे में कसने की तैयारी में है. 

विदेशों से सोना तस्करी कर करोड़ों रुपए की चपत राजस्व में लगाई जा रही है. इंटरनेशनल सर्वे एजेंसी मेटल फोकस के अनुसार भारत में ऊंची आयात शुल्क दरों से बचने के लिए सोने की स्मगलिंग का जोर है. एजेंसी के अनुसार तीन साल में भारत में 580 टन सोने की वैध अथवा अवैध तरीके की स्मगलिंग की गई जिसका मूल्य लगभग 1.65 लाख करोड़ रुपए है. इसके लिए देशभर के एयरपोर्टस का इस्तेमाल प्रमुखता से हो रहा है. 

इनमें मुंबई, कलकत्ता, अहमदाबाद, दिल्ली, बैंगलुरू सहित जयपुर का भी नाम शामिल है. तस्कर एक की बजाय अलग अलग तरीके तस्करी के लिए अपना रहे हैं, ताकि एयर इंटेलीजेंस टीम की निगाहों में आने से बच सकें. अंतराष्ट्रीय आगमन पर लगाए गए बॉडी स्कैनर और यात्रियों की गतिविधि से अब तक अधिकतर मामले पाए गए हैं. कस्टम विभाग के अधिकारियों ने ऑफ कैमरा यह भी स्वीकार किया कि कोशिश सौ फीसदी मामलों को पकड़ने की होती है लेकिन कई बार लोग पर्याप्त जांच और सर्तकता के बाद भी कैमरों, बॉडी स्कैन से बच कर निकल जाते हैं. 

तस्करी के पिछले एक साल में सामने आए मामलों में उन लोगों का इस्तेमाल किया गया जो खाड़ी देशों में मजदूरी करने गए थे या बेहद गरीब परिवार से थे. उन्हें सोना देने और लेने वाले की कोई जानकारी नहीं थी. यात्रियों के मलद्वार, बैग्स में लोहे की रिंग, प्रेस, टार्च, फुटवियर सहित कई अन्य जगहों पर छिपाकर सोना तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं. लगातार बढ़ रही तस्करी पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने चिंता जाहिर की है. अब डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यु इंटेलिजेंस, कस्टम विभाग और आयकर विभाग सहित केंद्रीय खुफिया सूचना एंजेसिंयों के साथ मिलकर विशेष ऑपरेशन चलाने की तैयारी में है. 

विभाग की कोशिश है बड़ी मछलियों को जाल में फासने की. अब तक केवल कूरियर ब्वॉय के रुप में यात्री हाथ लगे हैं लेकिन विदेश में बैठकर भारत मे सोना भेजने वाले पकड़ से बाहर हैं. डीआरआई अधिकारियों का कहना है सोना भेजने और लेने वाले दोनों विभाग की नजरों में है. जल्द ही इस अंतराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा होगा और तस्कर शिंकजों में होंगे.