अवैध हथियारों को रखने वाला तीसरा बड़ा राज्य है राजस्थान: NCRB

बदमाशों को इन हथियारों के साथ फोटों खिंचाने और फायरिंग करने के वीडियो तक सोशल मीडिया (Social Media) पर डालने से कोई गुरेज नहीं है. राजस्थान में हथियार रखने का चलन पिछले एक दशक से और अधिक बढ़ गया है. 

अवैध हथियारों को रखने वाला तीसरा बड़ा राज्य है राजस्थान: NCRB
प्रतीकात्मक तस्वीर.

शरद पुरोहित, जयपुर: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (National Crime Records Bureau) की रिपोर्ट के अनुसार, देश में राजस्थान अवैध हथियारों (Illegal Weapons) को रखने वाला तीसरा बड़ा राज्य है. यहां पर बड़ी संख्या में लोग अवैध हथियारों को रखते हैं. 

इतना ही नहीं, बदमाशों को इन हथियारों के साथ फोटों खिंचाने और फायरिंग करने के वीडियो तक सोशल मीडिया (Social Media) पर डालने से कोई गुरेज नहीं है. राजस्थान में हथियार रखने का चलन पिछले एक दशक से और अधिक बढ़ गया है. 

एटीएस द्वारा हाल ही में अवैध हथियारों के खिलाफ की गई कार्रवाई में भी सामने आया था कि जिन लोगों के पास अवैध हथियार हैं, उन्होंने इसे वैध करने के लिए जम्मू कश्मीर से फर्जी आर्म लाइसेंस बनवा लिए थे. साल 2018 में 7140 मामले अवैध हथियार को रखने और फर्जी लाइसेंस लेने के सामने आए थे. इस मामले में एटीएस द्वारा जम्मू कश्मीर जाकर भी कार्रवाई की गई थी. 

वर्तमान साल की बात की जाए तो सितंबर माह तक पूरे प्रदेश में अवैध हथियारों के 5306 प्रकरण सामने आ चुके हैं. पुलिस भी अवैध हथियार को पकड़ कर मामला खत्म कर देती है. हथियारों के दलालों और उसे सप्लाई करने वालों तक पुलिस न तो पहुंचती है और न ही पहुंचने का प्रयास करती है.

एडीजी क्राइम बीएल सोनी भी मानते हैं कि अवैध हथियारों की सप्लाई प्रदेश में बढ़ रही है लेकिन पुलिस इसे लेकर समय-समय पर कार्रवाई भी कर रही है. यही कारण है कि बड़ी संख्या में अवैध हथियारों का जखीरा पुलिस ने बरामद भी किया है. हमारी पड़ताल में सामने आया है कि हथियार का लाइसेंस लेने की प्रक्रिया इतनी विकट बना रखी है, जिससे चलते लोग अपनी सुरक्षा के लिए अवैध हथियार रख रहे हैं. 

एक जांच में सामने आया है कि देश में राजस्थान में लोग अवैध हथियार रखने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं लेकिन पुलिस अपनी कार्रवाई का बखान करती रहती है. आज तक राजस्थान पुलिस ने सप्लाई करने वालों की दूसरे राज्यों में जाकर गिरफ्तार नहीं की है. राजस्थान में अवैध हथियारों की सप्लाई बताती है कि कुछ सालों में अगर अवैध हथियारों की तस्करी ऐसे ही होती गई तो यूपी और एमपी को भी हम आंकड़ों में पीछे छोड़ देगें और इस के साइड इफेक्ट आमजन को उठाने पड़ेंगे.

Edited by: Sanjay Yadav, News Desk