राजस्थान: स्कूलों में कंप्यूटर हैं पर नहीं है कोई टीचर, कैसे पूरा होगा डिजिटल इंडिया का सपना!

आई टी या डिजिटल इंडिया, क्या इसके बारे में अनभिज्ञता जाहिर की हां ये जरूर कि स्कूल में कंप्यूटर देखा है लेकिन चलता कैसे है पता नहीं. 

राजस्थान: स्कूलों में कंप्यूटर हैं पर नहीं है कोई टीचर, कैसे पूरा होगा डिजिटल इंडिया का सपना!

बीकानेर: विश्व पटल पर आई टी का नाम आते ही भारत का नाम सबसे पहले लिया जाता है. भारतीय युवा ने आई टी के क्षेत्र में जो धाक जमाई है उसको कौन भूल सकता है लेकिन आज हम आपको देश का एक ऐसा पहलु दिखाएंगे जो बिल्कुल उलट है. जी हां हम बात कर रहे हैं ग्रामीण अंचलों में बने उन सरकारी स्कूलों की जहा कंप्यूटर शिक्षा के सभी उपकरण तो हैं लेकिन पढ़ाने और चलाने वाला नहीं. इस तरह कैसे होगी आई टी की शिक्षा? जनाब ये तो वो बात हो गई कि राशन पूरा है लेकिन पकाने के लिए ईंधन नहीं. बंद पड़े कंप्यूटर लैब की हालात ये है कि चूहों ने इसे अपना खेल मैदान बना लिया है.

राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में जी मीडिया की टीम ने करीब आधा दर्जन विद्यालय में जाकर जब जमीनी हकीकत से रूबरू कराया तो छात्रों ने जो कहा वो चौकाने वाला था. आई टी या डिजिटल इंडिया, क्या इसके बारे में अनभिज्ञता जाहिर की हां ये जरूर कि स्कूल में कंप्यूटर देखा है लेकिन चलता कैसे है पता नहीं. कमोबश ये हालात सभी ग्रामीण अंचलों में है, जिनके अभिभावक जागरूक हैं. वो निजी सेंटरो से शिक्षा दिला रहे हैं. स्कूलों के हालात ये हैं कि कहीं कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं तो कहीं अभी तक डिब्बो में पैक ही पड़े हैं. विद्यालय प्रशासन ने बाहर निकालने की जहमत भी नहीं उठाई.

बात यहीं तक खत्म नही हुई सबसे बड़ी बात तो बाकी है. विभाग उस विषय की परीक्षा भी लेता है जिसकी पढ़ाई ही नहीं हुई. जी हां कंप्यूटर शिक्षा का बाकायदा पेपर होता है. इतना ही नहीं कम्प्यूटर की परीक्षा में बच्चे पास भी हो जाते हैं. हालांकि, आश्चर्य की बात यह है कि सुविधा होते हुए भी उस सुविधा का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. स्कूलों में कंप्यूटर होने के बार भी बच्चों को कंप्यूटर नहीं सिखाया जा रहा है. इस तरह पीएम मोदी का डिजिटल इंडिया का सपना किस तरह अपनी उड़ान भर पाएगा