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राजस्थान: बिना मान्यता के चल रहा MJF नर्सिंग कॉलेज, छात्रों ने धोखाधड़ी का मामला किया दर्ज

नर्सिंग परीक्षा से वंचित छात्र छात्राएं पिछले 2 दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. आज तीसरे दिन भी आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया.

राजस्थान: बिना मान्यता के चल रहा MJF नर्सिंग कॉलेज, छात्रों ने धोखाधड़ी का मामला किया दर्ज
फाइल फोटो

चौमूं: जयपुर के चौमूं कस्बे में बिना मान्यता के चल रहे एमजेएफ नर्सिंग कॉलेज पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं. दरअसल, बिना मान्यता के ही कॉलेज प्रशासन ने वर्ष 2017 से अब तक तकरीबन 100 से ज्यादा छात्र छात्राओं का एडमिशन कर लिया है. जब परीक्षा लगने की बारी आई तो प्रवेश पत्र नहीं मिलने पर छात्र-छात्राओं की परीक्षा नहीं हो पाई. तब कॉलेज प्रशासन की पोल खुल कर सामने आ गई. 

जिसके चलते नर्सिंग परीक्षा से वंचित छात्र छात्राएं पिछले 2 दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. आज तीसरे दिन भी आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. वहीं छात्रों ने कॉलेज के निदेशक कैलाशराज सैनी और प्रिंसिपल सुरेंद्र सैनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है. धोखाधड़ी के मामले का खुलासा होने पर कॉलेज प्रशासन ने रातो रात ही कॉलेज के भवन पर लिखा नाम भी मिटा दिया लेकिन शहर की सड़कों के किनारे लगे बोर्डों पर नाम अभी तक भी लिखा हुआ है.

पुलिस ने कॉलेज निदेशक प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है. पीड़ित हेमराज का कहना है कि मैं बीपीएल सूची में शामिल छात्र हूं ब्याज पर रुपए लाकर मैंने नर्सिंग करने का सपना संजोया था लेकिन कॉलेज प्रशासन ने धोखाधड़ी करके मेरा सपना तोड़ दिया. ऐसे में छात्र-छात्राएं सदमे में है. छात्र हेमराज ने आत्महत्या करने तक की बात कह डाली है लेकिन कॉलेज प्रशासन का कोई भी व्यक्ति सामने नहीं आ रहा है. 

सवाल तो राजस्थान नर्सिंग काउंसिल पर भी खड़ा होता है. जब इस कॉलेज के पास मान्यता नहीं थी तो फिर यह कॉलेज कैसे चलती रही. जानकार सूत्रों की मानें तो एमजेएफ के नाम से इस शहर में आधा दर्जन से ज्यादा संस्थान चल रही हैं. जिनमें आयुर्वेद कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, वेटरनरी कॉलेज शामिल है. चर्चा इस बात की है कि इन संस्थान में कहीं न कहीं गड़बड़ है. इन संस्थानों की जांच होना भी जरूरी है. वरना कई छात्रों का भविष्य अंधकार में डूब जाएगा.