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राजस्थान: बीसलपुर बांध में भरा क्षमता से अधिक पानी, दूर हुई पेयजल की समस्या

बांध अधिकारियों की मानें तो बांध में कुल 38 टीएमसी पानी की भराव क्षमता है, जिसमें 16.2 टीएमसी पेयजल के लिए आरक्षित है.

राजस्थान: बीसलपुर बांध में भरा क्षमता से अधिक पानी, दूर हुई पेयजल की समस्या
एक साल में करीब 8.95 टीएमसी पानी बांध से वाष्पीकरण होता है.

जयपुर: राजस्थान की राजधानी गुलाबी नगरी सहित आधे राजस्थान की लाइफलाइन बीसलपुर बांध अब पानी से लबालाब हो गया है. जिससे अब पूरे राजस्थान की पेयजल समस्या पूरी तरह से दूर हो गई है. लगातार कैचमेंट एरिया में बारिश से बांध अपनी पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर के बिल्कुल करीब 315.40 आरएल मीटर तक भर चुका है, जो बांध का 98 फीसदी से ज्यादा है.

बांध अधिकारियों की मानें तो बांध में कुल 38 टीएमसी पानी की भराव क्षमता है, जिसमें 16.2 टीएमसी पेयजल के लिए आरक्षित है जो करीब कम से कम अगले तीन सालों के लिए पेयजल संकट से राहत के लिए पर्याप्त है. इसके साथ ही टोंक जिले के किसानों के लिए भी राहत भरी खबर है. किसानों को बांध से करीब 8 टीएमसी पानी फसलों की सिंचाई के लिए उपलब्ध होगा, जिससे जिलेभर के लाखों किसानों को फायदा मिलेगा.

बांध अधिकारियों के मुताबिक एक साल में करीब 8.95 टीएमसी पानी बांध से वाष्पीकरण होता है. इधर लगातार बांध में हो रही पानी की आवक से जिलेभर से प्रशासन और बांध अधिकारियों की ओर अलर्ट जारी हो चुका है. बनास नदी के बहाव क्षेत्र में लगातार मुनादी करवाई जा रही है. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से जगह जगह पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है. इसके साथ ही बांध पर पर्यटकों का हुजुम भी उमड़ रहा है. प्रदेशभर से लोग परिवार के साथ पिकनिक मनाने आ रहे हैं.

उधर, प्रतापगढ़ जिले का सबसे बड़ा 31 मीटर भराव क्षमता वाला जाखम बांध पर चादर चलने लगी है. जिले के अन्य भंवरसेमला, हमजाखेड़ी, गादोला, बोरीया, मचलाना, बजरंगगढ़, बरड़िया एवं चाचाखेड़ी बांध भी लबालब भर चुके हैं. जाखम बांध में ओवर फ्लो का नजारा देखने पहुंचे विधायक गौतम लाल मीणा ने जाखम डेम और अन्य बांधों में पर्याप्त भराव होने पर किसानों को बधाई दी. विधायक ने कहा जाखम बांध क्षेत्र के किसानों के लिए एक वरदान है.