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राजस्थान: मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज की लूट पर लगेगी लगाम, मांगी संपत्ति सीज करने की मंजूरी

अनुमान लगाया जा रहा है प्रदेश में 26,000 करोड़ से ज्यादा की लूट कोऑपरेटिव सोसायटीज ने मचाई है लेकिन अब गहलोत सरकार लगातार सोसायटीज पर शिकंजा कस रहा है.

राजस्थान: मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज की लूट पर लगेगी लगाम, मांगी संपत्ति सीज करने की मंजूरी
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज की लूट के बाद अब उनकी संपत्ति और खाते सीज करने की तैयार शुरू हो गई है. गहलोत सरकार ने केंद्रीय सहकारी रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर खाते सीज करने की मंजूरी मांगी है. केंद्र सरकार से अनुमति मिलने ही राज्य सरकार मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज पर शिकंजा कसेगी. 

इन सोसायटीज के खाते और बैंक खातों को सीज कर सरकार निवेशकों को पैसा लौटाएगी. मल्टीस्टेट के साथ साथ राज्य की सोसायटीज पर राज्य सरकार खुद शिकंजा कस रही है. सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के पवन घोटाला करने वाली सोसायटीज पर कार्रवाई कर रहे हैं लेकिन सबसे ज्यादा लूट मल्टीस्टेट सोसायटीज, जिसमें आदर्श, संजीवनी समेत दूसरी सोसयटीज ने जनता का पैसा लूटा है. केंद्र सरकार की अनुमति मिलते ही इन सोसायटीज पर शिकंजा जल्द से जल्द कसा जाएगा. जिसके बाद 2 लाख से ज्यादा निवेशकों को करोडों रूपए की राहत मिलेगी.

अनुमान लगाया जा रहा है प्रदेश में 26,000 करोड़ से ज्यादा की लूट कोऑपरेटिव सोसायटीज ने मचाई है लेकिन अब गहलोत सरकार लगातार सोसायटीज पर शिकंजा कस रहा है. इसके लिए राज्य सरकार शिकायतों के लिए पोर्टल बनाया है, जिसमें लगातार निवेशकों द्धारा शिकायते की जा रही है. राज्य की कोऑपरेटिव सोसायटीज पर इन्ही शिकायतों की जांच करने के बाद कार्रवाई होगी. राज्य सरकार चाहती है कि प्रत्येक निवेशकों का डूबा पैसा मिल सके. सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के पवन का कहना है कि राज्य सरकार की पूरी कोशिश है कि निवेशकों पर पूरा शिकंजा कस सके.

सहकारिता विभाग ने संपत्तियों को सीज करने की तैयारियां कर ली है. अब हर शनिवार को कोऑपरेटिव रजिस्ट्रार नीरज के पवन पूरे मामले की मॉनिटरिंग करेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक लेंगे. फिलहाल, घोटाला करने वाली सोसाइटीज की संपत्तियां लिस्टेड की जा रही है. उसके बाद इन संपत्तियों को सील किया जाएगा, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि जिन सोसाइटीज में परिवार रहते हैं उन्हें सीज नहीं किया जाएगा. अब तक सरकार के पास 2000 से ज्यादा शिकायतें आ चुकी है और 80 करोड़ के घोटाले कि शिकायतें पोर्टल पर दर्ज हो चुकी है. जस्टिस महेंद्र राघव सहकारिता विभाग की कानूनी मदद करेंगे.

राजस्थान से दूसरे राज्य भी सबक ले सकते हैं क्योंकि पूरे देश में राजस्थान पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां कोऑपरेटिव सोसाइटी पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है और एक्ट को लागू किया है. महाराष्ट्र मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में इस तरह के घोटाले हो रहे हैं लेकिन अब तक यहां कोई भी कार्रवाई शुरू नहीं की गई है.