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कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का निर्णय ऐतिहासिक: RSS

RSS meeting in Pushkar: संघ की तीन दिनों की अखिल भारतीय समन्वय बैठक के दौरान एनआरसी, आरक्षण, महिला सुऱक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई है.

कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का निर्णय ऐतिहासिक: RSS
प्रेस वार्ता के दौरान संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले.

पुष्कर: राजस्थान की तीर्थ नगरी पुष्कर (Pushkar) में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swyamsewak Sangh) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक चल रही है. तीन दिवसीय बैठक के दौरान संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने सोमवार को पुष्कर में एक प्रेस वार्ता में मीडिया से बातचीत की. 

इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के निर्णय को ऐतिहासिक निर्णय बताया. उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है. जो उस क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण था. आरएसएस के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने मोदी सरकार के 100 दिन के अंदर हुए कार्य को भी संतोषजनक बताया.

उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हुई है. इसके अलावा देश के मध्य जनजाति क्षेत्रों पर भी बैठक में चर्चा हुई है. उन्होंने बताया कि संघ एक व्यापक योजना के साथ इन क्षेत्रों में काम कर रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि उस योजना का प्रजेंटेशन (Presentation) बैठक में दिया गया.

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उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय में भी राष्ट्रभक्त लोग है. लेकिन उन्हें मदरसों की स्थिति को सुधारना चाहिए. उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी जनजाति आबादी (Schedule Tribe Polpulation) भारत में है. संघ उनके विकास की जरुरत महसूस कर रहा है. उन्होंने कहा कि जनजाति क्षेत्रो में धर्म परिवर्तन बड़ी चुनोती है. उन्होंने कहा माओवादी और नक्सलवादी जनजाति क्षेत्र के लोगों को उकसा रहे है.

उन्होंने कहा कि सीमा (Border) को लेकर कई चुनौतियां सामने आई है. इसमें घुसपैठ (Infiltration), नशे की तस्करी और धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) चिंता का विषय है.

उन्होंने कहा कि 'सरहद को प्रणाम' कार्यक्रम का आयोजन संघ ने किया. जिसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश की जल व थल सीमाओं पर संघ के विभिन्न संगठन काम कर रहे है.

उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान शिक्षा में संस्कार सहित अन्य विषयों पर गहराई से चिंतन हुआ. इस दौरान शिक्षा की गुणवत्ता पर भी चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि लंबे समय मे सांस्कृतिक जीवन के मूल्यों में कमी आयी है.

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा पर भी बात रखी. उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुऱक्षा के संबंध में सामाजिक व पारिवारिक जीवन मूल्य इसके लिए जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा केवल सरकार का दायित्व नहीं है. इस मुद्दे पर सब को मिलकर काम करना होगा.
 
संघ की इस बैठक में पर्यावरण की रक्षा व संवर्धन पर चर्चा हुई है. इस दौरान आगरा व पुणे में एक दिवसीय कार्यशालाओं के आयोजन का निर्णय लिया गया है. उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान पानी बचाओ व प्लास्टिक से परहेज का निर्णय लिया गया है.

उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच ने चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का वातावरण तैयार किया है. इस दौरान उन्होंने मॉब लिंचिंग पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि समाज मे हिंसा के किसी भी प्रयास का संघ समर्थन नहीं करता है.

एनआरसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील मुद्दा है. उन्होंने कहा कि एनआरसी को समय सीमा में किये जाने के निर्देश अदालत ने दिए थे. इस दौरान बांग्लादेशियों ने वहां नागरिकता पहचान के दस्तावेज जमा किये थे. उन्होंने कहा कि एनआरसी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार को नीति तय करनी चाहिए.

इस दौरान उन्होंने संघ के दलित व आरक्षण मुद्दे (Reservation) पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि संघ का मत श्मशान, मंदिर व जल स्त्रोत सभी के लिए है यही है. इस दौरान उन्होंने आरक्षण का भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि संविधान सम्मत आरक्षण वर्तमान की जरूरत है.