राजस्थान: पाकिस्तान जा चुकी जातियों का आरक्षण के लिए सर्वे, खुद की रिपोर्ट में उलझा OBC आयोग!

जी मीडिया ने मुस्लिम-गुर्जरों में आरक्षण की आर-पार की लड़ाई में जब तथ्य खोजे तो सामने आए कि ये जातियां तो आजादी के बाद पूरी तरह से लुप्त ही हो चुकी हैं. 

राजस्थान: पाकिस्तान जा चुकी जातियों का आरक्षण के लिए सर्वे, खुद की रिपोर्ट में उलझा OBC आयोग!
जातियों का सर्वे करवाकर आयोग खुद अपनी रिपोर्ट में उलझ गया है.

जयपुर: राजस्थान में जिन जातियों को ओबीसी आयोग (OBC Commission) ने खुद की रिपोर्ट में लुप्त मान लिया, अब उन्हीं जातियों का सर्वे करवाकर आयोग खुद अपनी रिपोर्ट में उलझ गया है. गुर्जरों के एमबीसी कोटे से मुस्लिमों को आरक्षण देने के लिए ओबीसी आयोग (OBC Commission) जिन जातियों का सर्वे करवा रही है, वो जातियां तो पहले ही लुप्त हो गई हैं.

जी मीडिया ने मुस्लिम-गुर्जरों में आरक्षण की आर-पार की लड़ाई में जब तथ्य खोजे तो सामने आए कि ये जातियां तो आजादी के बाद पूरी तरह से लुप्त ही हो चुकी हैं. गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने ओबीसी आयोग (OBC Commission) पर आरोप लगाए हैं कि ये जातियां तो आजादी से पहले थीं, अब ये सभी जातियां पाकिस्तान जा चुकी हैं. इसलिए इस सर्वे का कोई औचित्य ही नहीं. 

ओबीसी आयोग (OBC Commission) ने 1931 की जनगणना के आधार पर 2012 में सर्वे किया था, जिसमें आयोग ने अपनी रिपोर्ट में मिरारी, ढाडी, लंगा और मंगनियार जातियों के परिवारों की संख्या को शून्य बताया था लेकिन 1 नवंबर को ओबीसी आयोग (OBC Commission) के निर्देश पर अजमेर कलेक्टर ने तहसीलदारों को लुप्त हुई जातियों की सामाजिक, शैक्षिक, व्यवसायिक, आर्थिक स्थिति का सर्वे करने के आदेश दिए थे लेकिन अब इन जातियों को कोई अस्तिस्व ही नहीं बचा तो कैसे इन्हें आरक्षण मिल सकता है?

गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने आयोग की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा है कि राजस्थान में ओबीसी आयोग (OBC Commission) उन जातियों को ढूंढकर आरक्षण देने की कोशिश कर रहा है, जो अब पाकिस्तान जा चुकी है. आजादी से पहले इन जातियों का सर्वे हुआ था लेकिन आयोग की खुद की रिपोर्ट भी ये कहती है कि ये जातियां पूरी तरह से लुप्त हो चुकी हैं. ऐसे में जो जातियां ही नहीं, उनका सर्वे करवाकर ओबीसी आयोग (OBC Commission) जातियों को लड़वाने की साजिश रच रहा है. वहीं गुर्जर नेता कर्नल देवआनंद भी आयोग के इस सर्वे से पूरी तरह खफा हैं.

हिंदू-मुस्लिम दोनों में ये जातियां
दमामी, मीर, नगारची, राणा, बायती, बारोटा जातियां हिंदुओं में मिलती हैं और मुस्लिमानों में भी. इन जातियों का अस्तिस्व है तो सही लेकिन बहुत कम. ओबीसी आयोग (OBC Commission) की पिछली रिपोर्ट में मांगणियार, ढाढ़ी, लंगा, मिरारी जातियां पूरी तरह से लुप्त हो चुकी हैं लेकिन दूसरी और डिप्टी सीएम सचिन पायलट और मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने सर्वें को पूरी तरह से नकार दिया. दोनों ही मंत्रियों ने कहा है कि आरक्षण पर किसी भी प्रकार का सर्वे नहीं हो रहा है और गुर्जरों को आरक्षण पर कोई खतरा नहीं लेकिन इस पत्र के बाद गुर्जर नेताओं की नींद उड़ी पड़ी है लेकिन आयोग खुद ही अपनी रिपोर्ट में फंस चुका है.