काम ONLINE और हाजिरी OFFLINE, कबाड़ हुई बॉयोमेट्रिक मशीनें

अधिकारियों-कर्मचारियों ने दोबारा रजिस्टर पर हाजिरी लगानी शुरू कर दी. वहीं, मशीनें भी कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं. 

काम ONLINE और हाजिरी OFFLINE, कबाड़ हुई बॉयोमेट्रिक मशीनें
जयपुर जिले में 216 सरकारी कार्यालय हैं, जहां 10 हजार से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.

जयपुर: सरकारी दफ्तरों में काम प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है. अधिकारी से लेकर कर्मचारी भी कम्प्यूटर, लेपटॉप के जरिए काम कर रहे हैं, लेकिन हाजिरी का तरीका सालों पुराना चल रहा है. सरकारी विभागों में आज भी अधिकारी-कर्मचारी रजिस्ट्रर में हाजिरी कर रहे हैं. कर्मचारियों को समय पर पहुंचने की पाबंदी नहीं है. हैरानी की बात है कि शासन सचिवालय और जिला कलक्ट्रेट में भी पुराना ढर्रा अपनाया जा रहा है.

वक्त का पाबंद बनाने के लिए सरकारी दफ्तरों में ई-अटेंडेंस का दौर चला. कलेक्ट्रेट, स्कूल-कॉलेज, नगर निगम हो या अन्य कोई सरकारी विभाग. ज्यादातर ने रजिस्टर को अलविदा कहते हुए ई-अटेंडेंस का सहारा लिया. लाखों रुपए की मशीन खरीदी गई, लेकिन चंद माह बाद ही इस व्यवस्था को ग्रहण लग गया. अधिकारियों-कर्मचारियों ने दोबारा रजिस्टर पर हाजिरी लगानी शुरू कर दी. वहीं, मशीनें भी कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं. 

जयपुर जिले की बात करें तो 216 सरकारी कार्यालय हैं, जहां 10 हजार से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं. ऐसे में बाोमेट्रिक मशीन नहीं होने से कर्मचारियों के समय से आने और जाने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. गौरतलब है कि कर्मचारियों के समय पर नहीं पहुंचने की लगातार शिकायतों पर प्रशासनिक सुधार विभाग सरकारी कार्यालयों में निरीक्षण कर चुका हैं. आधे से ज्यादा विभागों के कर्मचारी गायब मिले हैं. इस पर कर्मचारियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि सख्ती के लिए आखिर विभागों में बॉयोमेट्रिक मशीनें क्यों नहीं लगाई जा रही है?

सचिवालय: सेंट्रल पार्क घूमने पर उठ चुके सवाल
प्रदेशभर के सरकारी कार्यालयों की जहां से मॉनिटरिंग की जाती है, उसी शासन सचिवालय में हाजिरी रजिस्ट्रर से हो रही है. कर्मचारियों के सीट पर नहीं बैठने और देरी से आने के मामले में हाल ही मामला सामने आया. प्रशासनिक सुधार विभाग ने कार्मिक विभाग को पत्र लिखकर कहा था कि अधिकारी-कर्मचारी सेट्रल पार्क में घूमते हैं और जनता इंतजार करती है.

कलक्ट्रेट: जब भी निरीक्षण, 60 फीसदी गायब मिलते
जयपुर जिला कलक्ट्रेट का आलम है कि बार-बार निरीक्षण में कर्मचारी गायब मिलते हैं. हाल ही पिछले दिनों कलक्टर जोगाराम ने निरीक्षण किया तो 62 फीसदी कर्मचारी गायब मिले. इससे पहले पूर्व कलक्टर जगरूप सिंह यादव को भी दौरे में आधे से ज्यादा कर्मचारी नहीं मिले. रजिस्ट्रर जब्त कर नोटिस दिए गए. गौरतलब है कि कलक्ट्रेट में सालों पहले बॉयोमेट्रिक सिस्टम लागू किया था, लेकिन कर्मचारियों ने विरोध कर दिया था.

रोडवेज: चेयरमैन ने निर्देश दिए सीट छोड़कर नहीं जाएं
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में भी हाजिरी का रजिस्ट्रर में ही हो रही है. कर्मचारियों के सीट पर नहीं मिलने पर चेयरमैन रवि शंकर ने नाराजगी जताई. उन्होंने आदेश तक निकाला है कि कर्मचारी सीट छोड़कर नहीं जाएंगे. इसके लिए विभागाध्यक्ष से अनुमति मांगनी होगी.

परिवहन विभाग: आरटीओ दफ्तरों के निरीक्षण में खुली पोल
परिवहन विभाग में काम की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई, लेकिन आरटीओ कार्यालयों में भी जाहिरी रजिस्ट्रर में हो रही है. जयपुर के झालाना, जगतपुरा और विद्याधर में यही हाल है. यहीं नहीं, परिवहन मुख्यालय में भी जाहिरी रजिस्ट्रर में की जा रही है. पूर्व परिवहन आयुक्त  राजेश यादव ने आरटीओ कार्यालयों का निरीक्षण किया था, जहां कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचे थे.

बहरहाल, शहर के जेडीए और नगर निगम कार्यालयों में वर्तमान में बॉयोमेट्रिक सिस्टम लागू है. यही नहीं एसएमएस अस्पताल में भी हाजिरी बॉयोमेट्रिक हो रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि जनता से जुड़े अन्य विभागों में यह नियम लागू क्यों नहीं है.