राजस्थान पुलिस ने कर्मचारियों को दिलाई सेना की ट्रेनिंग, अब शुल्क बना गले की फांस

राजस्थान पुलिस के 43 अधिकारियों-कर्मचारियों को सेना से दिलाई गई ट्रेनिंग का शुल्क गले की फांस बना हुआ है.

राजस्थान पुलिस ने कर्मचारियों को दिलाई सेना की ट्रेनिंग, अब शुल्क बना गले की फांस
फाइल फोटो

विष्णु शर्मा, जयपुर: राजस्थान पुलिस के 43 अधिकारियों-कर्मचारियों को सेना से दिलाई गई ट्रेनिंग का शुल्क गले की फांस बना हुआ है. सेना ने नौ साल पहले ली गई ट्रेनिंग का शुल्क मांगा है. मामला राज्य सरकार के पास पहुंचा तो पुलिस मुख्यालय को इसे सुलझाने के निर्देश दिए हैं, जवाब में पीएचक्यू ने ट्रेनिंग शुल्क का भुगतान नहीं करने का उल्लेख किया है.

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राजस्थान पुलिस के 43 अधिकारियों और कर्मचारियों को 1 अगस्त 2011 से 27 अगस्त 2011 तक वेपन एंड टेक्टिस कोर्स की ट्रेनिंग दी गई. पुलिस अधिकारियों को सेना के काउंटर इन्सरजेंसी स्कूल,वारंग्ट मिजोरम में ट्रेनिंग दी गई. इस ट्रेनिंग का खर्च बकाया बताते हुए पिछले दिनों रक्षामंत्रालय के मिलिट्री ट्रेनिंग डिविजन से राज्य सरकार को पत्र भेजा गया. इसके बाद गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय से इस सम्बंध में जवाब मांगा. 

- पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को चार हफ्ते की ट्रेनिंग दी गई
- सेना की ओर से पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को हथियारों और रणनीति की ट्रेनिंग दी गई  
- पुलिसकर्मियों की इस ट्रेनिंग पर  2 लाख 70 हजार 900 रुपए खर्च हुए 
-  दक्षिणी पश्चिमी कमान के मेजर जनरल अजय वर्मा ने ट्रेनिंग राशि की वसूली का तकादा किया 
-  गृह विभाग के 15 जुलाई के पत्र के जवाब में एआईजी ट्रेनिंग विकास पाठक ने 24 जुलाई को जवाब दिया
-  एआईजी पाठक ने पुलिस अनुसंधान एवं विकास  ब्यूरो नई दिल्ली के 14 फरवरी 2011 और 1 मार्च 2013 को लिखे पत्र की जानकारी दी
- ब्यूरो के पत्र में  ट्रेनिंग चार्ज भुगतान नहीं करने का उल्लेख किया गया
- पाठक ने कहा कि न तो पूर्व में इस तरह के भुगतान का मामला राज्य सरकार के सामने लाया गया है। 

- पाठक ने यह भी कहा कि एआईजी कार्यालय से  14 जुलाई 2011 को पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के मैस और व लोकल ट्रांसपोर्ट का भुगतान पहले ही किया जा चुका है.

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