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राजस्थान: जलदाय विभाग के प्रोजेक्ट्स फेल, अब निजी नलकूपों, टैंकर्स के भरोसे पीएचईडी

ऐसे में अब गर्मियों में लोगों की प्यास बुझाने के लिए जलदाय विभाग निजी टैंकर संचालकों से पानी की सप्लाई के लिए मजबूर हो गया है. 

राजस्थान: जलदाय विभाग के प्रोजेक्ट्स फेल, अब निजी नलकूपों, टैंकर्स के भरोसे पीएचईडी
फाइल फोटो

जयपुर: बीसलपुर बांध में पानी की कमी के चलते अब जलदाय विभाग प्राइवेट नलकूपों के भरोसे जयपुर की प्यास बुझाने में लगा हुआ है. पीएचईडी निजी टैंकर के जरिए शहर को पानी पिलाने के लिए मजबूर हो गया है. पानी की किल्लत को देखते हुए जलदाय विभाग ने निजी नलकूपों से कॉन्ट्रेक्ट तो कर लिया, लेकिन पीएचईडी के खुद के ट्यूबवेल शहर को पानी नहीं पिला पा रहे.

नए ट्यूबवेल की खुदाई के काम में लगातार देरी हो रही है और पुराने ट्यूबवेल अधिकतर खराब पड़े हैं. इसके अलावा जलदाय विभाग द्वारा पानी के संकट को टालने के लिए पिछले छह महीने से युद्ध स्तर पर तैयारियां जरुर की है, लेकिन वो तैयारियां बजट स्वीकृत कराने और योजनाओं को कागजों पर तैयार तक ही सीमित रह गईं. एक दशक बाद बीसलपुर बांध में अब पानी खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है. 

बीसलपुर बांध से पानी सप्लाई कटौती के बाद जलदाय विभाग ने जयपुर में करोड़ों रुपए खर्च कर 200 से अधिक पुराने ट्यूबवैल को चालू किया लेकिन ये पुराने ट्यूबवैल पेयजल समस्या के सामने ऊंट के मुंह में जीरा ही साबित हुए हैं. 200 से ज्यादा पुराने ट्यूबवैल चालू करने के बाद जलदाय विभाग ने अब अकेले जयपुर शहर में ही 453 नए ट्यूबवैल खोद रहा है लेकिन उसके बावजूद भी जलदाय विभाग को प्राइवेट ट्यूबवेल से टैंकर के जरिए पानी सप्लाई करना पड रहा है.

ऐसे में अब गर्मियों में लोगों की प्यास बुझाने के लिए जलदाय विभाग निजी टैंकर संचालकों से पानी की सप्लाई के लिए मजबूर हो गया है. विभाग के चीफ इंजीनियर आईडी खान का कहना है कि अब तक सरकारी टैंकर्स के साथ साथ निजी टैंकर्स के जरिए भी पानी की सप्लाई की जाएगी. ताकि जयपुर शहर को अधिक से अधिक पानी मिल सके. हालांकि, इससे पहले सरकारी टैंकर्स के जरिए ही जयपुर को पानी सप्लाई किया जाता था, लेकिन इस बार पानी की किल्लत के चलते विभाग ने ये फैसला लिया है.

जलदाय विभाग ने पिछले साल करोड़ों रूपए टैंकर सप्लाई में बहा दिए. जिसमें से फरवरी में 42 लाख, मार्च में 52 लाख रूपए लगा दिए, लेकिन इसके बावजूद भी जयपुर शहर की प्यास नहीं बुझ पाई. अब निजी नलकूपों के जरिए पानी सप्लाई किया जाएगा. लेकिन निजी नलकूपों के पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठते है. हालांकि, चीफ इंजीनियर आईडी खान का कहना है कि नलकूपों के पानी की जांच के बाद ही शहर को पानी सप्लाई किया जा रहा है.

बीसलपुर बांध में भी केवल 15 फीसदी पानी ही बचा है. ऐसे में गर्मी में जलदाय विभाग यदि प्राइवेट नलकूपों और टैंकर्स के भरोसे बैठा रहा तो जयपुर शहर इन गर्मियों में प्यासा ही रह जाएगा.